चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने सेक्टर-41ए के 420 डुप्लेक्स मकानों को आखिरी 30 दिन का नोटिस जारी किया है। इसमें कहा है कि अगर अब उन्होंने उल्लंघनों को खुद से नहीं हटाया तो बोर्ड उन्हें तोड़ देगा। कार्रवाई में आने वाले खर्च को भी मकान मालिक से वसूला जाएगा। शुक्रवार को सीएचबी के सचिव ने चीफ एडमिनिस्ट्रेटर की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ये आदेश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार 21 अप्रैल 2022 को हाईकोर्ट ने सेक्टर 41-ए के 628 मकानों में बिल्डिंग वायलेशन का सर्वे करने के आदेश दिए थे। इसके लिए टेक्नीकल एक्सपर्ट की एक कमेटी गठित की गई, जिसने बिल्डिंग वायलेशन के साथ स्ट्रक्चरल स्टेबिल्टी के पहलुओं भी देखा। कमेटी ने सर्वे के दौरान पाया कि ज्यादातर अलॉटियों को निर्देश दिए जाने के बावजूद अभी तक बिल्डिंग वायलेशन नहीं हटाया। सर्वे के आधार पर 420 अलॉटी ऐसे पाए गए जिन्होंने बिल्डिंग वायलेशन कर रखे हैं और इन अवैध कब्जों को हटाया जाना है। इन सभी को सीएचबी की ओर से नोटिस भी जारी किए गए जिन्हें बोर्ड की वेबसाइट पर डाला गया। बाकी बचे केसों में सीएचबी फिलहाल नोटिस जारी कर रहा है। सभी मामलों में सीएचबी ने अलॉटियों को इन निर्माण को हटाने के लिए 30 दिन का नोटिस दिया है।
मकानों में मिले ये उल्लंघन
-कई दीवारें ऐसी बना दी गई हैं या हटा दी गई हैं, जिनसे उस मकान या साथ जुड़े मकान की स्ट्रक्चरल स्टेबिल्टी पर असर पड़ रहा है।
- अतिरिक्त फ्लोर बना दिया गया है। यह नहीं देखा गया कि इस अतिरिक्त फ्लोर का लोड बिल्डिंग झेल पाएगी या नहीं।
- कैंटीलीवर के ऊपर भी कंस्ट्रक्शन कर दी गई है जबकि इस पर अतिरिक्त भार नहीं दिया जा सकता।
- पिछली छत पर बिना दीवार खड़े किए कंस्ट्रक्शन कर दी गई है जिससे इसके गिरने का खतरा है।