जिले में हरिके पत्तन झील और सतलुज दरिया में बने सरकंडों के जंगल वाले टापू से भारी मात्रा में कच्ची शराब पकड़ी गई है। इसके अलावा शराब बनाने का सामान, तिरपाल, सौ क्विंटल लकड़ी, सौ किश्तियां बरामद हुई हैं। दोनों स्थानों पर कोई भी आरोपी पुलिस और आबकारी विभाग के हाथ नहीं लगा।
आबकारी विभाग व पुलिस ने संयुक्त आपरेशन चलाकर सतलुज-ब्यास संगम से बनी हरिके पत्तन झील में बने टापूओं पर छापामारी कर तीन लाख लीटर कच्ची दारू, सौ तिरपाल, लोहे के 15 ड्रम, सौ क्विंटल लकड़ी, सौ किश्तियां व चांदी के नौ बर्तन पकड़े हैं। आरोपी पुलिस को देखकर फरार हो गए। उल्लेखनीय है कि जहरीली शराब पीने से तरनतारन, अमृतसर व बटाला में मरे लोगों के बाद सबसे ज्यादा संख्या में हरिके पत्तन झील से आबकारी व पुलिस विभाग ने कच्ची दारू पकड़ी है।
आबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्नर जेएस बराड़ ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि हरिके पत्तन झील में बने टापूओं व उससे आसपास क्षेत्र में कच्ची दारू तैयार की जाती है। आबकारी विभाग ने पुलिस के साथ मिल कर झील पर बने टापूओं पर छापा मारा। वहां से तीन लाख लीटर कच्ची दारू व अन्य सामग्री पकड़ी है।
आरोपी पुलिस को टापू तक पहुंचने से पहले ही किश्तियों के माध्यम दूसरे तरफ से निकल कर भाग गए। बराड़ ने बताया कि आबकारी विभाग के ईटीओ कर्मवीर सिंह माहला और तरनतारन के डीएसपी इकबाल सिंह की अगुवाई में टीम तैयार की गई थी, जिसने एक साथ कई जगहों पर छापा मारा है। बराड़ ने बताया कि कच्ची दारू तैयार करने वाले कई आरोपियों के खिलाफ संबंधित थाना में मामला दर्ज कराया गया है।
वहीं थाना सदर पुलिस ने सतलुज दरिया में बने सरकंडों के जंगल वाले टापू पर छापा मारकर आठ हजार लीटर कच्ची दारू, आठ तिरपालें और 410 शराब की अवैध बोतलें पकड़ी हैं। थाना सदर पुलिस ने रविवार को छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस के मुताबिक एएसआई परमजीत सिंह को सूचना मिली थी कि सीमांत गांव अलीके से सटे सतलुज दरिया में बने सरकंडों के जंगल वाले टापू में बड़ मात्रा में कच्ची शराब छिपाकर रखी गई है।
शराब बेचने के लिए वहां से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने बताई हुई जगह पर पहुंच छापा मारा तो आठ हजार लीटर कच्ची दारू, आठ तिरपालें व अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी लड्डू, मस्सू, तरसेम सिंह, वीरू, बच्चन सिंह और मेजर वासी गांव अलीके के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सभी आरोपी फरार हैं।
किश्तियों से कच्ची दारू की डिलीवरी करते थे माफिया
अधिकारियों का कहना है कि शराब माफियों ने कच्ची दारू तैयार करने के लिए झील में बने टापू पर सामान एकत्र करने को सौ किश्तियां रखी थी। कच्ची दारू तैयार करने के बाद इन्हीं किश्तियों के माध्यम से सप्लाई करते थे। जब कभी पुलिस टापू पर छापामारी करने पहुंचती थी तो आरोपी सारा सामान किश्तियों पर रखकर फरार हो जाते थे। आरोपियों ने टापू पर हर आराम की वस्तु रखी हुई थी। उन्हें जंगली जानवर और जहरीले सांपों का भी भय नहीं है।