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लखविंदर वडाली ने बांधा समां

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चंडीगढ़। तू माने या न माने दिलदारा असां ते तैनूं रब मनेया... पंजाबी गायक लखविंदर वडाली ने जैसे ही इस गीत को अपनी आवाज दी तो टैगोर थियेटर में समा बंध गया। मौका था एनजेडसीसी द्वारा लोकरंग कंसर्ट का। इसमें पंजाब के प्रसिद्ध गायक लखविंदर वडाली ने अपने सूफियाना गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर डाला।
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उन्होंने वे माहिया तेरे वेखन नूं, चुक चरखा गली दे विच पांवां.. गाया तो सभी मगन हो गए। इसके बाद उन्होंने मेरे रश्के कमर तेरी पहली नजर.. से ऐसा समां बांधा की श्रोता झूमते रह गए। इस मौके पर उन्होंने ओ लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण, सिंदड़ी दा सेवण दा सखी शाहबाज कलंदर दमा दम मस्त कलंदर...गाया तो ऑडियंस में ऊर्जा का संचार हो गया। वर्ष 2012 में उस्ताद बिस्मल्ला खान युवा पुरस्कार से सम्मानित लखविंदर वडाली ने साहिबा के साथ ही अपनी फिल्मों के गीत भी सुनाए। गायक के दादा ठाकुर दास वडाली एक प्रसिद्ध गायक थे और उनके पिता और चाचा ने वडाली बंधुओं की कव्वाली जोड़ी बनाई। लखविंदर वडाली के साथ संगीतकारों की टीम में तबले पर बबलू, ढोलक पर राकेश कुमार, ढोल पर लवली, गिटार पर राहुल कुमार, कीबोर्ड पर तरुणदीप सिंह और मनीष कुमार, ड्रम पर विक्रमजीत, ऑक्टोपैड पर राजिंदर कुमार, सुभाष सिंह, अजय कुमार, जयकरन सिंह, गगन शामिल थे। कोरस पर कुमार, सनी, बुध कुमार और मिंटो थे। इस मौके पर एनजेडसीसी के निदेशक प्रोफेसर सौभाग्य वर्धन और चेयरमैन चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी कमल अरोड़ा भी मौजूद रहे।
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