चंडीगढ़। कोरोना काल में लगे लॉकडाउन में सेक्टर 23 निवासी लखविंदर जोगी ने सुंदरकांड को न केवल कंठस्थ कर लिया बल्कि कविता के रूप में इसे अपनी आवाज भी दी। लखविंदर जोगी ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरित मानस का उन्होंने लॉकडाउन में अध्ययन किया। सुंदरकांड के दोहे और चौपाइयों के नीचे लिखे अर्थ को समझा और सरल भाषा में कविता लिख डाली। दो अप्रैल से 16 मई तक का समय इसमें लगा। लखविंदर 1992 से जागरण के प्रोग्राम कर रहे हैं। करीब 500 हिंदी और पंजाबी में भजन लिख चुके हैं।