बरवाला सड़क पर गांव भगवानपुर स्थित बीबी इंडस्ट्री में बुधवार रात आधा दर्जन नकाबपोश लुटेरों ने पिस्तौल दिखाकर 14 लाख की नकदी और 35 लाख का सामान लूट लिया। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक की शिकायत पर आधा दर्जन अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। लुटेरे जाते हुए फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी ले गए।
फैक्ट्री मालिक राकेश कुमार ने बताया कि वह बरवाला रोड स्थित गांव भगवानपुर में पुरानी बैटरियों के सेलों के सिक्के को पिघलाकर लेड की सिल्ली तैयार करते हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार रात वह रोजाना की तरह फैक्ट्री में सोए थे, जबकि चार वर्कर भट्टी पर काम कर रहे थे। इस दौरान साढ़े बारह बजे तीन नकाबपोश दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए।
अंदर आते ही चारों लुटेरों ने भट्ठी पर काम कर रहे वर्करों को गन प्वाइंट पर लेकर बंधक बना लिया। इसके बाद वह चारों कर्मियों को लेकर उनके कमरे में आ गए, जहां वह सो रहे थे। लुटेरों ने उनकी कनपटी पर पिस्तौल तानकर सेफ की चाबी मांगी, जिसमें पड़ी 14 लाख रुपये की नकदी ले ली। तीन लुटेरे में से दो के पास पिस्तौल था और उन्होंने मंकी कैप से अपने मुंह ढके हुए थे। लुटेरों ने पांचों को एक कमरे में ले जाकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। करीब आधे घंटे बाद एक गाड़ी की आवाज उन्हें सुनाई दी, जिसमें लुटेरे कंपनी से 22 टन की सिक्के की सिल्ली ले गए।
पुलिस का पक्ष
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- फोटो : अमर उजाला
बाजार में इस सिल्ली की कीमत साढ़े 35 लाख रुपये है। तीनों लुटेरे फैक्ट्री की दीवार फांद कर और बाकी तीन साथी गेट से अंदर आए, जो माल ढोने के लिए ट्रक साथ लाए थे। उन्होंने बताया कि लुटेरे जाते समय फैक्ट्री में खड़ी एक बाइक, दो गैस सिलेंडर, पांच मोबाइल फोन, दफ्तर में लगी एलसीडी, सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर ले गए।
साथ ही राकेश कुमार का पर्स भी ले गए, जिसमें हजारों रुपये की नकदी थी। लुटेरे साढ़े बारह बजे फैक्ट्री में दाखिल हुए थे और सुबह करीब साढ़े चार बजे गए। लुटेरों के जाने के बाद किसी तरह कमरे का दरवाजा तोड़ कर वह बाहर आए और मामले जानकारी पुलिस को दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि लुटेरे हिंदी बोल रहे थे।
पुलिस का पक्ष
मामले की सूचना मिलने के बाद डीएसपी डेराबस्सी पुरषोतम सिंह बल और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह बैंस ने मौके का दौरा किया। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में मामला संदिग्ध लग रहा है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि रात को फैक्ट्री में इतनी नकदी रखना भी शक के घेरे में आता है। उन्होंने कहा कि बिना किसी जानकारी से लेड की सिल्लियां चोरी करना आसान नहीं है।