लाडवा सीट से जीत के बाद हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि मैं प्रमाण पत्र लेने जाऊंगा और फिर ज्योतिसर मंदिर में भगवान कृष्ण की पूजा करूंगा। हरियाणा के 2.80 करोड़ लोगों ने इस सरकार को चुना है और हम पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे।
लाडवा विधानसभा क्षेत्र में चल रही चुनावी मतगणना के सातवें राउंड के परिणामों के अनुसार, भाजपा के उम्मीदवार नायब सैनी ने कांग्रेस के मेवा सिंह पर 9632 वोटों की मजबूत बढ़त बना ली है।
नायब सैनी के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि उन्होंने शुरुआती राउंड से ही अपनी स्थिति को मजबूत किया है। इस राउंड में नायब सैनी की बढ़त ने उनके विरोधियों को चिंता में डाल दिया है, खासकर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच।
हरियाणा की सबसे चर्चित व हॉट सीट लाडवा में हार-जीत जाट व ओबीसी वोट बैंक पर टिकी है। एक लाख 95 हजार 816 मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में 60 फीसदी ओबीसी हैं, जिनमें से 20 फीसदी से अधिक सैनी मतदाता हैं, जबकि 18 फीसदी से अधिक जाट हैं। हालांकि 11 फीसदी से अधिक ब्राह्मण मतदाता हैं, जिनका भी अपना प्रभाव है।
भाजपा प्रत्याशी के रूप में यहां से मुख्यमंत्री नायब सैनी मैदान में हैं, जो पार्टी के ओबीसी वर्ग के बड़े चेहरे हैं। जाट समुदाय के कांग्रेस प्रत्याशी एवं निवर्तमान विधायक मेवा सिंह नायब सैनी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं, जिन्होंने 2019 के चुनाव में भाजपा से सीट छीनकर यहां कांग्रेस के लिए जमीन तैयार की थी। इसी समुदाय से इनेलो-बसपा की प्रत्याशी सपना बड़शामी हैं और उनके ससुर इनेलो से पूर्व विधायक शेर सिंह बड़शामी भी क्षेत्र में अपना अच्छा प्रभाव रखते हैं।
बड़शामी भी जाट बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में जाट वोट बंटने की प्रबल संभावना है। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। उधर, भाजपा के बागी संदीप गर्ग बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वैश्य समाज भाजपा का बड़ा वोट बैंक माना जाता है। इस तरह मुख्य मुकाबला भाजपा-कांग्रेस में है, मगर सभी अपनी-अपनी जीत का दम भर रहे हैं।
एक्स फैक्टर - 60 फीसदी ओबीसी मतदाता। नायब सैनी को भी अपनी सीट पर भी बुलाना पड़ा स्टार प्रचारक।