लैब अटेंडेंट के घर पैसा बरसा, वो भी छप्पर फाड़ के। वह डेढ़ करोड़ का मालिक बन गया, जानना चाहेंगे कैसे उसकी किस्मत का ताला खुला। दरअसल, किस्मत वो है जिसके भरोसे पर न जाने कितनी उम्मीदें अपना दामन थामे बैठी रहती हैं कि एक दिन किस्मत बदलेगी और अच्छा वक्त आएगा।
इस तरह का अच्छा वक्त जीरकपुर में एकेएस कॉलोनी में रहने वाले दिव्यांग हरभगवान गिर का तब आ गया, जब उनकी डेढ़ करोड़ रुपये की लॉटरी निकल गई। यह जानने के बाद इनामी राशि के लिए उन्होंने लॉटरी विभाग के पास दस्तावेज जमा करवा दिए हैं।
चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन के थ्री बीआरडी केंद्रीय विद्यालय में लैब अटेंडेंट के पद पर तैनात हरभगवान गिर दस साल से लॉटरी खरीद रहे थे। उन्हों ने बताया कि पिछले दस साल से उन्होंने लोहड़ी, होली व रक्षाबंधन कोई पंजाब स्टेट बंपर लॉटरी का टिकट नहीं छोड़ा।