यह पूछने पर कि यदि केजरीवाल आम आदमी पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रस्ताव दें तो क्या करेंगे। इस पर विश्वास कहते हैं कि वह खत्म आदमी है। सरकारें बना लेना महत्वपूर्ण नहीं होता, वह तो बेईमान और अवसरवादी व्यक्ति है। अन्ना से कोई उम्मीद पूछने पर विश्वास कहते हैं कि अन्ना जी बूढ़े हो चुके हैं। एक सवाल पर वह कहते हैं कि अब तो अलख जगा रहे हैं अकेले, सच बोलने की, यही काफी है। दुनिया में लोगों ने तो बड़े कष्ट में सच बोला है, हमें तो बहुत कुछ दे भी रहा है ईश्वर।
ट्विटर और फेसबुक पर गंभीरता से बात करें...
भारतीय वायुसेना के आतंकियों के शिविरों पर प्रहार के बारे में कुमार विश्वास का कहना है कि मैं भारत के उस पराक्रम को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि दिल्ली वालों को यह बात कब समझ आएगी कि कुत्ता पागल हो जाता है तो उसे गोली मारी जाती है। उन्होंने कहा कि ट्विटर और फेसबुक पर गंभीरता से बात करें और किसी से द्वेष नहीं रखें।
कश्मीर पर बोले कि हमें अपना कश्मीर चाहिये, डल झील के सुनसान किनारे नहीं, क्योंकि हमें उसके साथ वहां की बेटियां, भाई और बुजुर्ग भी चाहिए। सेना पर बोले कि हमारे में और उनमें सिर्फ एक मात्रा का फर्क है। वे वतन के लिए काम करते हैं और हम वेतन के लिए। उन्होंने कहा कि मेरी आवाज को सरकार और अपने (आम आदमी पार्टी) स्वीकार करे न करें, मगर देश के करोड़ों युवा उसे स्वीकार जरूर करते हैं।