चंडीगढ़। पद ग्रहण करने के बाद मेयर कुलदीप कुमार ने अमर उजाला से अपने परिवार और जीवन के बारे में खुलकर बातचीत की। कहा कि परिवार में वह पहले हैं, जो राजनीति में आए हैं। उनका परिवार पहले सेक्टर-25 की झोपड़ी में रहता था। 1969 में उसमें आग लग गई, जिसके बाद प्रशासन ने 1980 में डड्डूमाजरा में शिफ्ट कर दिया था। पिता की सरकारी नौकरी थी। वह छह भाई और बहन हैं।
बड़े भाई ने कूड़ा बीनने का काम किया। एक भाई कबड्डी में नेशनल प्लेयर है। उन्हें भी बचपन से ही कबड्डी खेलने का शौक था। वर्ष 1997 से 2001 के बीच उन्होंने पांच बार कबड्डी में चंडीगढ़ के लिए नेशनल खेला। 2001 में कबड्डी खेलने के लिए गोवा भी गए। परिवार का टेंट हाउस का काम था लेकिन किसी कारण बिजनेस बंद होने की कगार पर आ गया तो दोस्तों ने सफाई कर्मचारी के काम पर लगाने की बात कही। 2018 में पहली बार झाड़ू उठाया और पहली ड्यूटी सेक्टर-44 की मार्केट में लगी। उन्होंने सेक्टर-8 और 22 में भी काम किया। कुलदीप ने बताया कि परिवार की हालत ठीक नहीं थी इसलिए पत्नी ने भी कुछ समय के लिए सफाई कर्मचारी का काम किया। 2020 में उन्हें भगवान वाल्मीकि शोभायात्रा का चेयरमैन बनाया गया। 2021 में उन्होंने चुनाव लड़ा और फिर अब यहां तक पहुंच गए हैं।
भावुक हुए पार्षद रामचंद्र, बोले-चेन गिरवी रख मां का इलाज कराया, पर ईमान नहीं बेचा
कुलदीप कुमार को मेयर की कुर्सी पर बैठते देख आम आदमी पार्टी के पार्षद रामचंदर यादव काफी भावुक हो गए। उनकी आंखें भर आईं। पूछने पर बताया कि मेयर चुनाव से पहले उन्हें अपनी मां का ऑपरेशन कराने के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। विपक्षियों ने उन्हें लाखों रुपये देने का लालच दिया लेकिन उन्होंने अपना ईमान नहीं बेचा। गले की सोने चेन गिरवी रखकर मां का इलाज कराया पर पार्टी से गद्दारी नहीं की।
दस जनवरी को मेयर चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद 11 को आप के सभी पार्षद रोपड़ के एक रिजॉर्ट में चले गए थे। कांग्रेस के पार्षद भी उनके साथ मौजूद थे। इस दौरान पार्षदों को त्योहार, परिवारिक कार्यक्रम, जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ समेत कई आयोजन छोड़ने पड़े। सब अपने परिवार व बच्चों से दूर थे। पार्षद रामचंदर यादव ने कहा कि 30 जनवरी तक सभी शहर से बाहर थे। मोबाइल भी बंद था। इसी बीच उनकी मां का पेट की पथरी का ऑपरेशन होना था जो सेक्टर-34 के एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। वह तीन-चार दिन तक अस्पताल में रहीं। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी पार्षदों को तोड़ने में लगे थे। उन्हें भी किसी माध्यम से लाखों रुपये देने का लालच दिया गया लेकिन उन्होंने अपने ईमान का सौदा नहीं किया। पैसों की जरूरत थी तो सोने की चेन गिरवी रखी, फिर मां का ऑपरेशन कराया। यादव ने ऐसा कहते हुए पर्स से स्लिप भी दिखाई, जिस पर 24 जनवरी की तारीख लिखी हुई थी। यादव ने बताया कि उनका कंस्ट्रक्शन का बहुत अच्छा काम था लेकिन राजनीति में आने के बाद लोगों की सेवा की वजह से वह बिजनेस को समय नहीं दे पाते, जिसकी वजह से काफी प्रभाव पड़ा है।
- नेताओं से बातचीत -
कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल
ये सच्चाई की जीत हुई है। आज का दिन चंडीगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन है। कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। लोगों की उम्मीदों को गठबंधन के मेयर पूरा करेंगे। हम को-ऑर्डिनेशन कमेटी बनाकर लोगों के कामों को पूरा करेंगे और शहर को एक बार फिर नंबर-1 बनाया जाएगा।
- एचएस लक्की, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
पूरे देश में लोकतंत्र की हत्या कर रही भाजपा
भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। हर राज्य में दूसरे दलों के नेताओं, विधायकों और पार्षदों को डरा-धमका कर भाजपा में शामिल कराया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सब कुछ जनता के सामने आ गया है। आने वाले लोकसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी।
- डॉ. एसएस आहलूवालिया, प्रदेश सह-प्रभारी, आप