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Chandigarh News: कुलदीप कुमार आज संभालेंगे मेयर की कुर्सी, कार्यकर्ताओं को भी न्योता

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चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मेयर घोषित हुए कुलदीप कुमार सोमवार को पद ग्रहण करेंगे। सुबह साढ़े 11 बजे नगर निगम के छठे फ्लोर स्थित मेयर दफ्तर में वह कुर्सी संभालेंगे। इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आने की चर्चा थी लेकिन अब उनके शामिल होने पर संशय है। उनकी जगह पंजाब के विधायक व आप-कांग्रेस के स्थानीय वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। पार्टी ने कार्यकर्ताओं को भी निगम कार्यालय पहुंचने को कहा है। शहर में 30 जनवरी को मेयर चुनाव हुए थे, जिसमें पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के आठ वोटों को रद्द कर भाजपा के मेयर उम्मीदवार मनोज सोनकर को विजेता घोषित कर दिया था और उन्हें कुर्सी पर बैठा दिया था। इसके बाद आप और कांग्रेस गठबंधन के मेयर प्रत्याशी कुलदीप कुमार ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने पीठासीन अधिकारी को गलत पाया। कहा कि अनिल मसीह ने गलत तरीके से गठबंधन के आठ वोटों को खारिज किया है। 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप कुमार को मेयर घोषित कर दिया था। इसके बाद से अब तक कुलदीप कुमार ने पद ग्रहण नहीं किया है लेकिन वह बतौर मेयर नगर निगम के सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। पद ग्रहण में देरी का कारण यह रहा कि आप-कांग्रेस इस पद ग्रहण समारोह को बड़ा कार्यक्रम बनाना चाहते थे। दोनों पार्टियां इस जीत को देश में इंडिया गठबंधन की पहली जीत के रूप में देश को दिखाना चाहती थीं इसलिए वरिष्ठ नेताओं से समय मांगा था। पहले बताया जा रहा था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इसमें शामिल हो सकते हैं। राहुल गांधी के नाम की भी चर्चा थी लेकिन अब किन्हीं कारणों की वजह से उनका कार्यक्रम
नहीं बन पाया है। अब स्थानीय नेता व पंजाब के कुछ विधायक ही कुलदीप कुमार को कुर्सी पर बैठा सकते हैं।

कुर्सी पर बैठने के अगले ही दिन कुलदीप की परीक्षा
26 फरवरी को मेयर की कुर्सी पर बैठने के अगले ही दिन सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव होंगे। इस चुनाव में कुलदीप कुमार को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। ऐसे में कुलदीप की बड़ी परीक्षा है, क्योंकि आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों के भाजपा में जाने से भाजपा बहुमत में आ गई है। आप और कांग्रेस के साथ आने के बाद भी भाजपा के पास नंबर ज्यादा हैं। अगर कोई पार्षद क्रॉस वोट नहीं करता है या किसी पार्षद का वोट अमान्य नहीं होगा तो भाजपा का सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर बनना तय है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जिस पार्टी का पीठासीन अधिकारी बनाया गया है वो सदन में अल्पमत में है। ऐसे में देखना होगा कि दोनों पद पर कौन जीत दर्ज करता है।
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जोड़तोड़ का डर, मोरनी पहुंचे भाजपा के पार्षद
भाजपा को अब जोड़तोड़ का डर सता रहा है इसलिए पार्टी ने अपने सभी पार्षदों को मोरनी भेज दिया है। 27 को सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव होंगे। ऐसे में सभी पार्षद चुनाव से कुछ मिनट पहले ही चंडीगढ़ पहुंचेंगे और सीधे नगर निगम जाएंगे। पार्षदों पर पार्टी कड़ी नजर रख रही है। इसके अलावा हाल ही में भाजपा में आईं वार्ड नंबर-16 की पार्षद पूनम, वार्ड नंबर-19 की पार्षद नेहा और वार्ड नंबर-20 के पार्षद गुरचरणजीत सिंह काला अभी तक शहर से बाहर हैं। वह अभी घर भी नहीं आए हैं। भाजपा को डर है कि कहीं वे दोबारा आप में न चले जाएं इसलिए तीनों पार्षद 27 फरवरी को ही सीधे नगर निगम में चुनाव के लिए पहुंचेंगे।
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वर्तमान में वोटों का गणित
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भाजपा : 17 पार्षद + एक सांसद = 18 वोट
आम आदमी पार्टी : 10 पार्षद + कांग्रेस 7 पार्षद : 17 वोट
अकाली दल : 1 पार्षद
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