-उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात के बाद सौंपा इस्तीफा
-छठी बार चुने गए हैं विधायक, सैनी के मंत्रिमंडल में हो सकते हैं शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पानीपत की इसराना विधानसभा सीट से विधायक चुने जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्ण लाल पंवार ने राज्यसभा के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। सोमवार को उन्होंने उपराष्ट्रपति व सभापति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। सभापति ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया है। उधर, राज्यसभा की सीट खाली होने के बाद भाजपा नेताओं में इस सीट को पाने के लिए जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। कई नेता इस दौड़ में शामिल हैं। भाजपा के एक शीर्ष नेता का कहना है कि अभी सबकी नजर नई सरकार के गठन पर है। इसलिए हाईकमान इस बारे में बाद में विचार करेगा।
इसराना विधानसभा सीट पर कृष्ण लाल पंवार ने कांग्रेस के बलवीर सिंह वाल्मीकि को हराया। कृष्ण लाल पंवार को 67,538 वोट मिले। बलवीर सिंह वाल्मीकि को 53,643 वोट मिले। पंवार छठी बार विधायक चुने गए हैं। मनोहर सरकार में वह परिवहन व जेल मंत्री रहे थे। 2019 का विधानसभा चुनाव वह हार गए थे। भाजपा ने अगस्त 2022 में उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाकर भेजा। उनकी गिनती मनोहर लाल के विश्वासपात्रों में होती है। पार्टी का दलित चेहरा और वरिष्ठ होने की वजह से उनका भाजपा की नई सरकार में मंत्री बनना तय माना जा रहा है। वह नेता बनने से पहले थर्मल बॉयलर ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत थे। उन्होंने राजनीतिक जीवन की शुरुआत इनेलो से की थी। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए थे।
राज्यसभा सांसद की दौड़ शुरू
कृष्ण लाल पंवार के इस्तीफा देने के बाद भाजपा नेताओं में राज्यसभा सांसद बनने की दौड़ शुरू हो गई है। इनमें कई लोगों के नाम शामिल हैं। पंवार दलित वर्ग से आते हैं, ऐसे में पार्टी की प्राथमिकता किसी दलित को ही राज्यसभा भेजने की रहेगी। इसके अलावा इस बार भाजपा से नौ पंजाबी जीत कर आए हैं। ऐसे में पार्टी किसी पंजाबी समुदाय के नेता को भी राज्यसभा भेजने पर विचार कर सकती है। फिलहाल पार्टी ने अभी किसी के नाम पर मंथन नहीं किया है। इतना तय है कि भाजपा किसी ऐसे व्यक्ति को राज्यसभा भेजेगी, जिससे जातिगत समीकरण साधे जा सकें।