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‘कोमल गंधार’ में दिखाया कैसे महाभारत के युद्ध का कारण बनी गांधारी की शादी

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टैगोर थियेटर में नाटक का मंचन। - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। भरतमुनि नाट्य महोत्सव के पांचवें दिन शुक्रवार को टैगोर थिएटर में नाटक ‘कोमल गांधार’ का मंचन हुआ। डॉ. शंकर शेष के लिखे इस नाटक का यशपाल ने निर्देशन किया। संवाद थिएटर ग्रुप के कलाकारों ने नाटक में अपनी प्रतिभा दिखाई। नाटक में दिखाया गया कि महाभारत का युद्ध होने का एक कारण पांडव और कौरवों के आपसी मतभेद थे, लेकिन इसका एक कारण गांधारी की शादी भी थी। गांधारी को जब पता चलता है कि उनकी शादी अंधे धृतराष्ट्र से करा दी गई है तो वह काफी दुखी और क्राधित हो जाती हैं। आखिर में वह अपनी आंखों पर पट्टी बांध लेती हैं। मां-बाप के अंधे होने के कारण कौरव गलत रास्ते पर चल पड़ते हैं। वहीं इन कौरवों को बिगाड़ने में मामा शकुनि का भी खास हाथ रहा। वे हमेशा कौरवों को पांडवों की प्रति उकसाते रहते थे। यह नाटक गांधारी के इर्द गिर्द घूमता रहता है। इस नाटक में गांधारी की भूमिका में शुबरा रही। शकुनि की भूमिका साजन शर्मा और धृतराष्ट्र की भूमिका संजय कश्यप ने निभाई। नाटक 1.30 घंटे का रहा। भरतमुनि नाटक महोत्सव उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र एवं संस्कार भारती की चंडीगढ़ इकाई की ओर से कराया गया है।
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