अपने मंगेतर समीर खां के साथ सारा खानम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोलकाता के रहने वाले समीर खां ने भारत सरकार से अपनी मंगेतर पाकिस्तान के कराची निवासी सारा खानम के लिए वीजा की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मांग की है कि सारा खानम को भारत आने के लिए वीजा दिया जाए। सारा चाहती हैं कि वह जल्दी अपना घर बसा लें। समीर खां निवासी 31-ए झावतला रोड, कोलकाता ने कादियां (गुरदासपुर) के अहमदिया जमात से संबंधित मकबूल अहमद को फोन पर संपर्क कर बताया कि उनकी मंगेतर और उसके परिवार वालों ने दो बार भारत आने के लिए वीजा का आवेदन किया।
उनको संबंधित विभाग और पुलिस ने क्लीन चिट दे दी लेकिन इसके बावजूद वीजा नहीं दिया। कादियां निवासी मकबूल अहमद का विवाह फैसलाबाद की रहने वाली ताहिरा मकबूल से 2003 में हुआ था। उसका विवाह काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बाद अनेक पाकिस्तानी दुल्हनें उनसे संर्पक करके वीजा के लिए मदद मांगती रहती हैं। वह एक दर्जन से भी अधिक पाकिस्तानी विवाहिताओं को भारत का वीजा दिलवा चुके हैं।
विवाह को लेकर वीजा पॉलिसी नर्म हो
समीर खां का कहना है कि दो देशों के नागरिकों के बीच होने वाले विवाह को लेकर वीजा पॉलिसी नर्म होनी चाहिए। भारतीय नागरिक को पाकिस्तान से अपने रिश्तेदारों को भारत आने के लिए स्पॉन्सरशिप देने के लिए भारतीय नागरिक की तस्दीक गजटेड अफसर से करवाने के साथ तस्दीक करने वाले अधिकारी का सरकारी शिनाख्ती कार्ड भी वीजा फाइल के साथ लगाना अनिवार्य है। गजटेड अफसर भारतीय नागरिक की तस्दीक हिचकिचाहट में करते हैं लेकिन अपना सरकारी शिनाख्ती कार्ड नहीं देते।
बिना सरकारी अधिकारी के शिनाख्ती कार्ड के आवेदन लेने से इन्कार
समीर खां ने मांग की है कि नोटरी पब्लिक से तस्दीक करवाने को सरकार को मान्यता देनी चाहिए। पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास बिना सरकारी अधिकारी के शिनाख्ती कार्ड के वीजा आवेदन लेने से इन्कार कर देते है। समीर ने बताया कि उसने अपनी मंगेतर और उसके परिवार के लिए सरकारी गजटेड अफसर से तस्दीक करवा कर दो बार भारतीय वीजा के लिए आवेदन किया लेकिन इसके बावजूद उन्हें वीजा देने से मना कर दिया गया। अब उनकी मंगेतर सारा खानम भारतीय वीजा के लिए फिर से आवेदन करने वाली हैं।