दखनियां मंदिर के पास डेढ़ किलोग्राम स्मैक के साथ पकड़ा गया आरोपी कुरारी जिला उना (उत्तर प्रदेश) निवासी नरेश उर्फ मोहन कभी देवीलाल चौक पर सब्जी की रेहड़ी लगाता था। लगभग तीस साल से दखनिया मंदिर के पास किराये में मकान में रहने वाला नरेश सब्जी की रेहड़ी लगाते समय स्मैक पीने का आदी हो गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि नशे की लत को पूरा करने के लिए शहर के रामराये गेट पर स्मैक खरीदना जाता था और वहीं से नशे के सौदागरों के संपर्क में आ गया। लगभग चार साल पहले आरोपी ने सब्जी की रेहड़ी लगानी छोड़कर नशे के गोरखधंधे से जुड़े लोगों से पैसे लेकर लखनऊ से स्मैक लेने के कार्य से जुड़ गया।
पुलिस के अनुसार शुरुआत में आरोपी 100-200 ग्राम स्मैक लेकर आता था और उस स्मैक को थोक के भाव लाकर रिटेल में बेचता था। इसके बाद वह ड्रग्स का सौदागर बना गया और अब डेढ़ किलोग्राम स्मैक लेकर आया था, लेकिन मुखबरी के चलते पुलिस के हत्थे चढ़ गया। नरेश ने खुलासा किया कि वह लखनऊ से हर माह स्मैक की खेप लेकर आता और रिटेल में दूसरे सौदागरों को बेच देता।
लड्डू बनाकर डिब्बे में बंद थी स्मैक
गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
एयरपोर्ट लखनऊ के निकट से लेकर आया था स्मैक
पूछताछ में नरेश ने खुलासा किया कि स्मैक लेने के लिए वह 18 अक्टूबर को लखनऊ गया था। सके संपर्क में आए लखनऊ निवासी राज ने उसे लखनऊ एयरपोर्ट पर बुलाया और डिब्बों में बंद लगभग डेढ़ किलोग्राम स्मैक उसे दे दी। बाद में वह अपने स्तर पर स्मैक की खेप को लेकर जींद पहुंचा था।
लड्डू बनाकर डिब्बे में बंद थी स्मैक
पुलिस ने डिब्बों को खोलकर देखा तो उसके अंदर स्मैक के लड्डू बनाकर रखा हुआ था। डिब्बों को इस तरीके से पैक किया हुआ था तलाशी के दौरान किसी को भनक न लगे कि इसमें स्मैक है।
पुलिस के अनुसार सितंबर में भी पुलिस ने जयंती देवी मंदिर के पास इंदिरा कॅलोनी रोहतक निवासी विनोद व उसकी पत्नी रीना को एक किलोग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। उनसे पूछताछ में सामने आया था कि उनके पास स्मैक की खेप लखनऊ निवासी राज के पास से ही आई थी।
पुलिस के अनुसार पिछले दिनों पुलिस ने लखनऊ में छापेमारी करके राज को पकड़ने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस को उसके सही ठिकाने का पता नहीं चल पाया।