साइलेंट किलर यानी डायबिटीज से बचने के सिर्फ तीन सूत्र हैं। पहला चीनी, दूसरा नमक और तीसरा फेट। यदि इन तीनों को कंट्रोल कर लिया तो लोग डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि चीनी ब्लड शुगर बढ़ाती है, जो डायबिटीज का हाई रिस्क फैक्टर है।
नमक हाइपटेंशन बढ़ाने में अहम भूमिका होती है। हाइपरटेंशन लोगों को डायबिटीज की तरफ ढकेलने का काम करता है। फैट सभी बीमारियों की जड़ है। खासकर सेंट्रल ऑबेसिटी (गोलाई से पेट निकलना)। इस तरह किसी का पेट निकलता है तो उसमें डायबिटीज के होने चांस सबसे ज्यादा होते हैं।
क्या होता है प्री-डायबिटीज
डायबिटीज से पहले प्री डायबिटीज का दौर आता है। विशेषज्ञों के मुताबिक जब ब्लड शुगर का लेवल स्टैंडर्ड लेवल से ज्यादा और डायबिटीज के स्तर से कम होता है तो उसे प्री-डायबिटीज कहते हैं। प्री डायबिटीज के कोई ऊपरी लक्षण नहीं होते।
इसे पहचानने के लिए 30 साल की उम्र में ब्लड शुगर व हीमोग्लोबिन एवन सी टेस्ट कराने चाहिए। यदि प्री डायबिटीज का समय पर डायग्नोज हो जाए और नियमबद्ध तरीके से एक्सरसाइज और डाइट को फालो करते हैं तो डायबिटीज से काफी हद तक बच सकते हैं।
पूरे दिन सिर्फ पांच चम्मच चीनी
डायबिटीज से बचने के लिए सबसे पहले शुगर को कंट्रोल करना होगा। डब्ल्यूएचओ की गाइंडलाइंस के मुताबिक पूरे दिन में सिर्फ पांच चम्मच चीनी लेनी चाहिए। यदि खाली पेट आप ब्लड शुगर की जांच करवाते हैं तो आपका शुगर लेवल 100 मिलीग्राम/डेसीलीटर होना चाहिए।
यदि शुगर लेवल 100-125 मिलीग्राम/डेसीलीटर हो तो व्यक्ति प्री डायबिटीज की चपेट में है। यदि लेवल 126 से ऊपर निकलता है तो व्यक्ति डायबिटीज के शिकंजे में है। हीमोग्लोबिन ए वन सी टेस्ट का लेवल 5.7 प्रसेंटेज से नीचे होना चाहिए। 5.7 से 6.4 प्रतिशत तो प्री डायबिटीज। 6.4 प्रतिशत से ऊपर डायबिटीज कहलाता है।
30 मिनट में ढाई से तीन किलोमीटर की सैर
मोटापे की जांच का अंतरराष्ट्रीय मानक बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स है। आपकी बीएमआई क्या है, इसे मांपने के लिए अपने वजन को अपनी लंबाई (इंच में) से डिवाइड करें। बीएमआई के आधार पर जांचे कि वजन सामान्य है या सामान्य से ज्यादा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक यदि आपका बीएमआई 23 से कम है तो सामान्य, 23 से ज्यादा ओवरवेट और 25 से ज्यादा बीएमआई वालों को मोटापे से ग्रसित माना जाता है। फैट को कंट्रोल करने के लिए 30 मिनट में ढाई से तीन किलोमीटर को कवर करें।
एक दिन में सिर्फ पांच ग्राम नमक
नमक को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है।
यदि नमक को कंट्रोल करते हैं तो मरीज हाइपरटेंशन के साथ डायबिटीज, हार्ट व
ब्रेन स्ट्रोक के रिस्क फैक्टर से बचता है। विशेषज्ञों के मुताबिक एक दिन
में सिर्फ पांच ग्राम नमक खाना चाहिए।
पांच ग्राम को नापने के लिए एक अच्छा
तरीका है। मान लीजिए एक परिवार में पांच सदस्य हैं। एक किलो ग्राम नमक की
थैली के मुताबिक 250-250 ग्राम नमक सभी के हिस्से में आता है।
खाने में नमक
का प्रयोग इस प्रकार से करना चाहिए कि ताकि नमक की थैली 50 दिन तक चले।
यदि 50 दिन तक थैली चलती है तो पांच ग्राम नमक हर किसी के खाते में आया। यह
तो खाने की बात हुई। यदि खाने के अलावा कोई स्नैक्स लेते हैं तो वह
एकस्ट्रा ही नमक कहलाएगा।