संघर्ष बढ़ने के बाद किसान नेता सरवण सिंह पंधेर जत्थे के पास पहुंचे और किसानों को वापस ले गए। उन्होंने दिल्ली कूच स्थगित कर दिया। पंधेर ने कहा, केंद्र सरकार ने वार्ता शुरू नहीं की तो रविवार को किसान फिर दिल्ली कूच करेंगे।
फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर दिल्ली तक पैदल मार्च कर रहे पंजाब के किसानों को पंजाब-हरियाणा के बीच शंभू सीमा पर हरियाणा पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों ने आगे बढ़ने से रोक दिया।
विज्ञापन
पुलिस व किसानों के बीच करीब ढाई घंटे चले टकराव में पुलिस ने मिर्ची स्प्रे व आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें 15 किसान घायल हो गए। 26 साल के किसान हरप्रीत सिंह की हालत नाजुक है। छह पुलिसकर्मी भी घायल हैं। वहीं, सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अंबाला के 11 गांवों में इंटरनेट सेवाओं पर नौ दिसंबर तक रोक लगा दी है। टिकरी सीमा पर दिल्ली पुलिस ने तंबू लगा दिए हैं। लोहे व कंक्रीट के बैरिकेड के साथ बड़े कंटेनर खड़े कर दिए हैं।
इससे पहले, 101 किसानों का मरजीवड़ा जत्था शुक्रवार दोपहर एक बजे दिल्ली के लिए रवाना हुआ। किसानों ने पुलिस के तीन स्तर के सुरक्षा अवरोध तोड़कर घग्गर नदी में फेंक दिए। चौथा अवरोधक तोड़ने की कोशिश कर रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। संघर्ष बढ़ने के बाद किसान नेता सरवण सिंह पंधेर जत्थे के पास पहुंचे और किसानों को वापस ले गए। उन्होंने दिल्ली कूच स्थगित कर दिया। पंधेर ने कहा, केंद्र सरकार ने वार्ता शुरू नहीं की तो रविवार को किसान फिर दिल्ली कूच करेंगे।
विज्ञापन
पंधेर ने कहा
शंभू बॉर्डर पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमारे विरोध प्रदर्शन 'दिल्ली आंदोलन 2' ने अपने 299 दिन पूरे कर लिए हैं। कल इसके 300 दिन पूरे हो जाएंगे। खनौरी बॉर्डर पर हमारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 12वें दिन में प्रवेश कर गई है। केंद्र सरकार किसानों से बात करने के मूड में नहीं है। चाहे एनडीए सरकार हो या भारत सरकार किसान किसी से भी खुश नहीं हैं। पंजाब सरकार से भी लोग खुश नहीं।
केंद्र ने कहा- दरवाजे खुले हैं, वार्ता के लिए आएं
किसानआंदोलनकारी किसानों को केंद्र सरकार ने वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भगीरथ चौधरी ने कहा, वार्ता के दरवाजे खुले हैं। किसान आएं और अपने मुद्दों पर बातचीत करें। यदि वे आते हैं तो स्वागत है, यदि वे चाहते हैं तो हम वहां जा सकते हैं। हम उनके बीच जाकर बात कर सकते हैं।