श्री गुरु तेग बहादुर ने भी बनाया था मरजीवड़ा जत्था
सूत्रों के अनुसार, इससे ही केंद्र व हरियाणा सरकार घबराई हुई हैं। खुद पटियाला पुलिस प्रशासन ने वीरवार को शंभू बार्डर पर किसानों के साथ हुई बैठक में इस बात का खुलासा करते कहा कि यही वजह है कि किसानों को शांतिपूर्ण पैदल मार्च करते हुए भी दिल्ली कूच करने देने से पीछे हटाया जा रहा है।
फूल ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने भी अपना मरजीवड़ा जत्था बनाया था, जिसमें भाई मतीदास, सतीदास और भाई दयाला को शामिल किया था। किसान तो पंजाब की इस रिवायत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र व हरियाणा सरकारें मरजीवडे शब्द का सहारा लेकर किसानों को दिल्ली कूच से रोकना चाहती है।
करीब 150 सदस्यों की रेस्क्यू टीम जत्थे में शामिल किसानों के पीछे-पीछे रहेगी। पंधेर ने बताया कि अगर जत्थे पर हरियाणा की तरफ से आंसू गैस के गोले ड्रोन के जरिये फेंके जाते हैं, तो रेस्कयू टीम के सदस्य तुरंत गीली बोरी बगैरा इस पर फेंक कर धुएं से किसानों का बचाव करेंगे। मुंह पर बांधने के लिए गीले रूमालों को भी तैयार रखा जाएगा। किसानों के लिए पीने वाले पानी की व्यवस्था रहेगी। साथ में एंबुलेंस भी रहेगी, जिससे किसी भी किसान के घायल होने पर तुरंत उसे चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने को अस्पताल ले जाया जा सके।