चंडीगढ़ की फिल्म अभिनेत्री सोनिया मान ने बताया कि दिल्ली में प्रदर्शन के शुरुआत में किसान महिलाओं को रहने के साथ सैनीटेशन आदि की समस्याएं आ रही थीं। इसके बाद सोशल मीडिया के जरिए लोगों से सहायता प्राप्त की और टिकरी बॉर्डर पर ‘माई भागो निवास’ बनाया। माई भागो मुगलों के खिलाफ लड़ाई में गुरु गोबिंद सिंह जी की प्रमुख लड़ाका थी। वहां पर मौजूद युवा खुद आगे आए और हमारी मदद कर रहे हैं।
हम वहां टॉयलेट, रसोई का सामान, गर्म कपड़े और सैनिटाइजेशन आदि की सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। माई भागो निवास में 200 से 300 महिलाएं रह रही हैं। प्रदर्शन में महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। सरकार को किसानों की समस्यायों का जल्द निपटारा करना चाहिए। उनकी मर्जी के बिना उन पर कानून थोपना सही नहीं है।
पीयू शोधकर्ता और गीतकार रविंदर धालीवाल ने बताया कि पंजाब के कई नौजवान मिलकर लगातार किसानों के परिवार की समस्याओं पर गीत, कविताओं और गानों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं। मैंने भी छह महीने पहले एक गीत लिखा। इसमें किसान परिवारों के घर के हालात, कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाना, बढ़ती बेरोजगारी और उसके कारण बढ़ते नशे को चित्रित किया है।
मेरा मानना है ओ कलमा बांझ ने जो लोकां दी गल्ल नी कर सकदी। पिछले छह महीने से हम पहले पंजाब और अब दिल्ली में किसानों के साथ संघर्षरत है। मेरे प्रदर्शन में होने के कारण मेरी पत्नी ही घर और बाहर दोनों की जिम्मेदारियां संभाले हुए हैं।