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Chandigarh News: राव दान सिंह के प्रचार में कूदीं किरण चौधरी, कई धुरंधर अभी भी प्रचार से दूर

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-तोशाम में खोला कांग्रेस प्रत्याशी का कार्यालय, दान सिंह के साथ रहीं मौजूद
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा चुनावों में टिकट कटने से नाराज नेता अब धीरे-धीरे मान-मनोवल के बाद पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार में आने लगे हैं। इसकी शुरूआत कांग्रेस की नेता और चौधरी बंसीलाल की बहू किरण चौधरी ने की है। रविवार को तोशाम में कांग्रेस प्रत्याशी राव दान सिंह के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर किरण चौधरी पहुंचीं, बल्कि चौधरी ने दान सिंह के लिए प्रचार भी किया। इसके बाद दोनों साथ ही गाड़ी में निकल गए। इससे पहले, किरण चौधरी अपनी बेटी पूर्व सांसद श्रुति चौधरी का टिकट कटने को लेकर नाराज थीं और प्रचार से दूरी बनाए हुए थीं।
किरण चौधरी और श्रुति चौधरी टिकट वितरण से पहले ही सोनिया गांधी के साथ मुलाकात कर चुके हैं, इसलिए विधानसभा चुनावों से पहले किरण चौधरी किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लेना चाह रही हैं। चौधरी को उम्मीद है कि दोनों मां-बेटी को विधानसभा चुनावों में समायोजित किया जाएगा, इसलिए चौधरी ने राव दान सिंह के लिए प्रचार का मोर्चा संभाल लिया है।
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करण दलाल, बीरेंद्र सिंह और कैप्टन अजय यादव का इंतजार
कांग्रेस में करण दलाल फरीदाबाद से, कैप्टन अजय यादव गुरुग्राम से और बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह हिसार से टिकट के दावेदार थे, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने सर्वे का हवाला देकर तीनों के टिकट काट दिए। अपने-अपने समर्थकों की बैठकें बुलाकर सभी नेता खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। हालांकि, बीरेंद्र सिंह और कैप्टन अजय यादव कांग्रेस पार्टी के लिए काम करते रहने की बात भी कह चुके हैं। लेकिन ये दोनों भी अभी प्रत्याशियों के प्रचार में नहीं दिख रहे हैं। उधर, करण दलाल, जो पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के समधी हैं, ने भी दो दिन पहले प्रेसवार्ता में एलान कर दिया है कि वे महेंद्र प्रताप का ही समर्थन करेंगे, लेकिन अभी तक चुनाव प्रचार में नहीं उतरे हैं। सूत्रों का दावा है कि वह भी कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ने वाले नहीं हैं और देर-सबेर पार्टी प्रत्याशी के लिए प्रचार में उतर जाएंगे।
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कुलदीप बिश्नोई और कैप्टन अभिमन्यु
अकेले कांग्रेस ही नहीं भाजपा में भी ऐसे कई नेता हैं, जो टिकट कटने से नाराज हैं। हिसार से कुलदीप बिश्नोई टिकट के मजबूत दावेदार थे, लेकिन भाजपा हाईकमान ने भजनलाल परिवार पर दांव न खेलकर देवीलाल परिवार से चौधरी रणजीत सिंह को टिकट दिया। हालांकि, भाजपा ने भव्य बिश्नोई को युवा मोर्चा का प्रभारी बनाकर नाराजगी दूर करने की कोशिश की है, लेकिन अभी तक भव्य बिश्नोई और कुलदीप बिश्नोई आदमपुर से बाहर नहीं निकले हैं। इसी प्रकार, हिसार से टिकट के दूसरे बड़े दावेदार कैप्टन अभिमन्यु की सक्रियता नहीं दिख रही है। दोनों ही नेताओं का अपने-अपने समाज के मतदाताओं पर प्रभाव है। तीसरा नंबर आता है, प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री अनिल विज का। विज अपने हलके अंबाला कैंट में सक्रिय हैं, लेकिन दूसरे हलकों में जाने से साफ इन्कार कर चुके हैं।
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राव इंद्रजीत का धर्मबीर के नामांकन में नहीं आना चर्चा का विषय

वहीं, नामांकन के समय गुरुग्राम से भाजपा के प्रत्याशी राव इंद्रजीत सिंह का भिवानी-महेंद्रगढ़ से प्रत्याशी चौधरी धर्मबीर सिंह के नामांकन के बाद हुई रैली में नहीं पहुंचने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, धर्मबीर सिंह को राव इंद्रजीत सिंह छोटा भाई लक्ष्मण करार देते रहे हैं, लेकिन ऐन मौके पर रैली में नहीं पहुंचने से धर्मबीर निराश हैं। क्योंकि रैली में राव इंद्रजीत मुख्य वक्ता थे और उन्हीं के दारोमदार पर यादव वोट बैंक की धर्मबीर को आस है। लेकिन राव इंद्रजीत का इशारा नहीं होने से अब महेंद्रगढ़ के अहीर मतदाता भी उलझन में क्योंकि, कांग्रेस की तरफ से राव दान सिंह मैदान में हैं। इनके साथ ही करनाल से टिकट के दावेदार कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वीरेंद्र राठौर भी अभी दिव्यांशु बुद्धिराजा के प्रचार में नहीं दिखे हैं।
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