लुधियाना में संघ पदाधिकारी रविंदर गोसाईं की हत्या की साजिश विदेश में रची हो सकती है लेकिन यह किस देश में रची है, इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाया है। यह कहना है डीजीपी सुरेश अरोड़ा का।
डीजीपी शनिवार को जालंधर के पीएपी में राज्यस्तरीय शहीदी समागम में श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में नामधारी समुदाय की माता चंद कौर को छोड़कर बाकी छह कत्ल एक ही जैसे हैं, जो एक ही कड़ी का हिस्सा हैं। गोसाईं हत्याकांड की साजिश कनाडा में रचने के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के बयान पर डीजीपी ने कहा, ‘मैं किसी की निजी बात का उत्तर नहीं दे सकता, पर लोगों का विदेश आना जाना लगा रहता है। विदेश बैठकर साजिश रची जा सकती है’
डीजीपी अरोड़ा ने कहा कि एनआईए और सीबीआई का साथ मिलने से पुलिस की जांच को फायदा मिलेगा। दो केस सीबीआई और एनआईए को सौंपे जा चुके हैं लेकिन बाकी चार केसों में पंजाब पुलिस ही जांच कर रही है। गोसाईं हत्याकांड के बाद पुलिस की तरफ से 1500 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया है। हत्याकांड में प्रयुक्त बाइक चोरी का था और पुलिस उन इलाकों के सीसीटीवी भी खंगाल रही है, जहां से बाइक चोरी हुआ था। अभी कोई भी पुख्ता सबूत नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी साजिश है लेकिन इससे पंजाब में आतंकवाद नहीं फैल सकता और न ही इसके जिंदा होने की संभावना है। हत्या की साजिश योजनाबद्ध ढंग से रची गई है और हत्यारे मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।