पंजाब सिविल सचिवालय में फाइनेंशियल कमिश्नर के असिस्टेंट के पद पर कार्यरत सूरत सिंह गिल की सड़क हादसे में मौत पर मोटर एक्सिडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी एसके सचदेवा ने उनके परिवार के लिए 60,26,765 रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।
साथ ही इस मुआवजा राशि पर 9 प्रतिशत की दर से ब्याज देने के आदेश दिए हैं। मृतक की पत्नी की ओर से यह क्लेम केस पंजाब की बस के चालक जालंधर निवासी तजिंद्र सिंह सिंह, हेमकुंट बस सर्विस, द यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ दायर किया गया था।
इस पर कोर्ट ने द यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी को संपूर्ण भुगतान करने के आदेश दिए हैं। मुआवजा राशि में से 50 प्रतिशत सूरत सिंह की विधवा मंजीत कौर, शेष रकम मां सुरजीत कौर (67) और पिता बलदेव सिंह (70) को दी जाएगी।
मोहाली फेज-10 निवासी मंजीत कौर की ओर से दायर केस के तहत 23 जुलाई, 2013 को सुबह 8:50 बजे सूरत सिंह गिल उनके और बेटी के साथ कार से जालंधर से मोहाली आ रहे थे। वहीं दूसरी ओर से आरोपी चालक बस को तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाते हुए आ रहा था। इसी दौरान माहेलपुर, टी-प्वाइंट पर बस चालक ने सूरत सिंह की कार को टक्कर मार दी।
इससे सूरत सिंह के सिर पर गंभीर चोट लगी। बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बेहराम के पुलिस स्टेशन में बस चालक के खिलाफ संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। सूरत सिंह (36) सिविल सचिवालय पंजाब में फाइनेंशियल कमिश्नर के साथ असिस्टेंट के तौर पर कार्यरत थे।