चंडीगढ़। मणिपुर निवासी महिला को नौकरी के बहाने चंडीगढ़ लाकर उसकी किडनी निकालने की साजिश रचने के मामले में शनिवार को पुलिस ने पीजीआई से एक बार फिर रिकार्ड जब्त किया। सूत्रों के अनुसार, किडनी खुद डोनेट करने के संबंध में पुलिस को दस्तावेज मिले हैं। हालांकि पुलिस अभी भी इस मामले की तह तक जाने के लिए गहनता से जांच कर रही है। पुलिस ने शनिवार को इस मामले में गवाहों व पीड़िता के कोर्ट में बयान भी दर्ज करवाए। साथ ही पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई, जिसे किडनी डोनेट होनी थी। सारंगपुर थाना पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर चुकी है।
बीते 30 अगस्त को मणिपुर निवासी एक महिला खुड्डा लाहौरा ब्रिज के पास मिली। महिला पांच दिन से भूखी थी, जिससे उसकी हालत खराब हो गई थी। उसे पीजीआई में दाखिल करवाया गया। साथ ही लोगों ने वुमन एंड चाइल्ड हेल्पलाइन को मामले की सूचना दी। इसके बाद महिला का मेडिकल करवाया गया। महिला ने बताया कि करीब दो माह पहले उसे फ्लाइट के जरिए दो लोग नौकरी दिलवाने का झांसा देकर चंडीगढ़ ले आए थे। इसके बाद धोखा देकर उसकी किडनी को एक व्यक्ति के साथ ट्रांसप्लांट करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसकी भनक पीड़ित महिला तक को नहीं लगी। किडनी ट्रांसप्लांट को वैध दिखाने के लिए महिला के फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और फिर महिला की तरफ से एफिडेविट भी तैयार करा दिया गया, जिसमें लिखा था कि वह अपनी मर्जी से किडनी डोनेट कर रही है। इसमें किडनी लेने वाले को पीड़ित महिला का पति बनाया गया। महिला के साथ उसका 5 वर्षीय बेटा भी था। घटना के बाद से मामले की जांच डीएसपी ईस्ट कृष्ण कुमार को सौंपी गई।