चंडीगढ़। 11 वर्ष की बच्ची की अपहरण, दुष्कर्म और हत्या मामले में 11 साल से फरार चल रहे अपराधी को पीओ एवं समन स्टाफ ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में जिला अदालत एक महिला समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दे सजा सुना चुकी है। पुलिस ने अयोध्या निवासी अनिरूद्ध कुमार को यूपी के अयोध्या के पास गांव बसवारा खुर्द से पकड़ा गया। उसके खिलाफ सेक्टर 39 थाना पुलिस ने 28 नवंबर 2013 में अपहरण, दुष्कर्म, हत्या, सबूत मिटाने और पोक्सो एक्ट की धारा के तहत यह मामला दर्ज किया था। अनिरूद्ध के खिलाफ कुछ अन्य मामले भी सामने दर्ज हैं। इनमें सेक्टर- 17 थाने में 13 जुलाई, 2013 को धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट में दर्ज मामला, डेराबस्सी में 10 नवंबर, 2013 को दर्ज हत्या समेत अन्य धाराओं में दर्ज दो मामले एवं 17 अक्तूबर, 2013 को खरड़ में ट्रैसपासिंग और चोरी की धाराओं में दर्ज मामला शामिल है।डेराबस्सी में दर्ज मामले में उसने एटीएम के सुरक्षाकर्मी की हत्या कर दी थी। वह उपरोक्त सभी आपराधिक मामलों में भगौड़ा करार दिया गया था। अनिरूद्ध को पुलिस पिछले एक वर्ष से ढूंढ रही थी। उसकी तलाश में दिल्ली समेत एनसीआर और उत्तर प्रदेश में करीब 17 बार सर्च की गई थी। वह ठिकाने बदलता रहता था।
मौजूदा मामले में शिकायतकर्ता की बड़ी बेटी घर से बाहर खेलने के दौरान लापता हो गई थी। पुलिस ने सुनीता उर्फ बिल्ली, राज कुमार उर्फ राजू, भगत सिंह उर्फ मंगा तथा अनिरूद्ध कुमार उर्फ मोनू उर्फ जिगरा के खिलाफ यह मामला दर्ज किया था। अनिरूद्ध को छोड़ बाकी तीनों को अदालत ने दोषी करार देते हुए 28 फरवरी 2015 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं, अनिरूद्ध अदालत की पेशियों से गैरहाजिर रहा और उसे 5 जून, 2015 को भगोड़ा करार दिया गया था।