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खालिद-सिद्दू ग्रुप ने सचिव को लिखा पत्र, डीसी को दी जानकारी शिक्षकों को दें

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चंडीगढ़। खालिद-सिद्धू ग्रुप ने पुटा सचिव को पत्र लिखकर डीसी को भेजी गई जानकारी को शिक्षकों को भी उपलब्ध कराने के लिए कहा है। उन्हें अंदेशा है कि प्रशासन को दी गई जानकारियां अधूरी हैं। क्या यह बताया गया है कि बैलेट पेपर पर 600 से अधिक शिक्षकों के हाथ लगेंगे और उन्हीं बैलेट पेपर की गिनती होगी। गिनती करने वालों की सुरक्षा कैसे की जाएगी। उनके सवालों के जवाब दें ताकि शिक्षक समुदाय को पता लग सके कि वह वोट डालेंगे जाएंगे या गिनती करने जाएंगे तो कितने सुरक्षित होंगे।
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खालिद-सिद्धू ग्रुप ने लिखा है कि सचिव का पद जिम्मेदारी का है, लेकिन उनकी आंखों के सामने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं। उनमें सुधार करने की बजाय उन कमियों को आगे बढ़ाया गया। पत्र में चुुनावी प्रक्रिया से लेकर आखिरी तक हुए प्रकरण को बताया गया है। उन्होंने कहा कि सचिव अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं जबकि जिस शिक्षक समाज ने उन्हें तीन बार चुना है उनको अंधेरे में न रखते हुए उनके हर सवाल का जवाब देना चाहिए। पुटा चुनाव की तिथियां कार्यकारी सदस्य निर्धारित करते हैं लेकिन इस बार पुटा संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं। यह अधिकार चुनाव अधिकारी को दे दिया गया और सचिव इस प्रकरण को देखते रहे। उन्होंने कहा है कि सचिव पर शिक्षक विश्वास करके हर कार्य कर रहे हैं, लेकिन गलत क्या-क्या किया जा रहा है यह भी बताना जरूरी है। इसे वह अन्यथा न लें। शिक्षक समाज के सामने जब तक पूरी सच्चाई नहीं आ जाती तब तक वह पत्र उनको भेजेंगे और जो गलत होगा उसका विरोध करेंगे।
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मृत्युंजय ने पत्र के जरिए बताई अपनी योग्यता
पुटा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार डॉ. मृत्युंजय कुमार ने अपना बायोडाटा जारी किया है। कहा है कि उन्होंने श्रेष्ठ संस्थानों से पढ़ाई की है और वह पढ़ाई में अव्वल रहे हैं। चाहे वह स्नातक स्तर पर हो या फिर परास्नातक स्तर पर। पीएचडी भी उन्होंने टॉप संस्थान से की है। वह बेहतर ज्ञान रखते हैं। उन्हें हर कार्य की परख है। उन्होंने प्रो. मोहम्मद खालिद की योग्यता पर भी सवाल खड़े किए हैं। सूत्रों का कहना है कि जारी किए गए पत्र में डॉ. मृत्युंजय ने अपने को प्रो. खालिद से श्रेष्ठ साबित करने की कोशिश की है। वहीं खालिद ग्रुप का कहना है कि यह तो शिक्षक तय करेंगे कि श्रेष्ठ कौन है।
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