विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैरा और लुधियाना से विधायक सिमरजीत बैंस ने कपूरथला घटना की निंदा की है। सुखपाल सिंह खैरा व सिमरजीत बैंस ने कहा कि कपूरथला नशा छुड़ाओ केंद्र में इलाजरत लड़कियों द्वारा डीएसपी व एसएचओ पर नशे की लत लगाने के खुलासे करने की घटना की जांच सिटिंग जज से करवाई जानी चाहिए। उनहोंने लड़की को भी अपने साथ मीडिया से रूबरू करवाया, जिसमें लड़की ने कहा कि उनको डीएसपी ने नशा लगाया था और बकायदा अपने घर भी बुलाया था।
खैरा व बैंस ने कहा कि नशे से हो रही मौतों ने पंजाब में ड्रग्स की तस्वीर साफ कर दी है। पंजाब में नशे की तस्करी में इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह को गिरफ्तार करने के बाद से लगातार पुलिस अधिकारी नशे को लेकर कटघरे में है। डीजीपी स्तर के अधिकारी को हाईकोर्ट में जाकर शपथ पत्र देना पड़ा और उन केसों की जांच को दबा दिया गया है। कपूरथला में युवतियों द्वारा डीएसपी दलजीत सिंह ढिल्लो व इंस्पेक्टर बलवीर सिंह के खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, वह उसी कड़ी का नतीजा है।
पुलिस अधिकारी ड्रग के खेल में रंगे रहे हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। युवती ने खैरा व बैंस के समक्ष कहा कि उसको डीएसपी के घर पर ले जाकर नशा करवाया गया और फिर शारीरिक संबंध भी बनाये गए। वह गर्भवती हो गयी थी लेकिन नशे की डोज के कारण उसका गर्भ गिर गया था।