मोरनी। इलाके के जंगलों से अवैध तौर पर खैर के पेड़ों का कटान जारी है। शनिवार रात भी खैर तस्करों ने भौज पौंटा के जंगल से खैर के पेड़ काटे। तस्कर इस लकड़ी को पिकअप में भरकर ले जा रहे थे। इसे वन विभाग के स्टाफ ने पकड़ा है। गाड़ी में लगभग 18 से 20 क्विंटल खैर की लकड़ी है। मौके से गाड़ी चालक को नरेंद्र कुमार पकड़ा गया है। वहीं, अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। वन रेंज अधिकारी सुनील कुंडू ने बताया कि बीती रात करीब तीन बजे गश्त के दौरान भूड गांव के पास वन विभाग की टीम ने चोरी कर ले जा रही खैर की लकड़ी से भरी हिमाचल नंबर की गाड़ी को पकड़ा है। पिकअप चालक ने कुछ लोगों के नाम बताए हैं जोकि पंजाब और हिमाचल के कालाअंब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उन्हें पकड़ने का प्रयास जारी है।
फील्ड कर्मचारियों की लापरवाही, वन संपदा पर भारी
फायर सीजन शुरू होने के बाद भी वन कर्मचारियों की लापरवाही देखने को मिलती है। फायर सीजन में कर्मचारियों को अपने अपने क्वार्टर पर रहने के आदेश दिए जाते हैं। बावजूद अधिकतर कर्मचारियों के क्वार्टर पर ताला लटका देख जा सकता है। ऐसा कर वन कर्मचारी सरकारी आदेशों की अवहेलना तो करते हैं साथ ही कर्मचारियों की इसी लापरवाही का फायदा अक्सर तस्कर उठाते हैं। इससे प्रकृति के साथ हरियाली को भारी नुकसान पहुंचता है।
दशकों में कोई सख्त कार्रवाई नहीं
खैर की लकड़ी को बेशकिमती लकड़ियों में गिना जाता है। इसका इस्तेमाल आयुर्वेद और केमिकल बनाने में इस्तेमाल होता है। इसलिए तस्कर इसकी तस्करी करते है। पिंजौर वन मंडल के तहत खैर के पेड़ बड़ी तादाद में मौजूद है। ऐसे में आजतक वन विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इसका नतीजा रहा कि लगातार जंगलों से खैर का गैर कानूनी तौर पर कटान कर तस्करी की जाती है।
कोट्स......
भौज पौंटा में हुई इस अवैध खैर की घटना में लिप्त अन्य लोगों को पकड़ने का प्रयास जारी है। उनके पास सिर्फ एफआईआर दर्ज करवाने का अधिकार है।
-सुनील कुडू, वन रेंज प्रभारी, रायपुररानी