भाजपा के भूमि अधिग्रहण बिल की खिलाफत में अब उत्तर भारत की खाप पंचायतें भी आ गई हैं। खाप चौधरियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही प्रदेश की खापों की एक संयुक्त बैठक बुलाकर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। खापों के विरोध में उतरने से भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
रोहतक खाप-84 के प्रधान हरदीप सिंह अहलावत ने बताया कि एक तरफ तो केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह खुद को किसानों का मसीहा और चौधरी छोटूराम का नाती कहते हैं, लेकिन उनकी सरकार किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले कानून को लागू कराने में तुली है।
इससे किसान बर्बाद हो जाएगा। खाप प्रधान ने उनके इस्तीफे की भी मांग की है। अहलावत ने कहा कि नए कानून के तहत किसानों की जमीन उनकी मर्जी के बिना ही ले ली जाएगी और उसे अपनी जमीन बचाने के लिए अदालत का सहारा भी नहीं मिल सकेगा। इसके विरोध में उत्तर भारत की खापों को एकजुट किया जा रहा है। जल्द बैठक बुलाई जाएगी।a