जालधर के पादरी पर रेप का आरोप लगाकर तहलका मचाने वाली नन को एक विधायक ने वेश्या कहा और ऐसी बात कह दी कि सुनकर सब चुप ही रह गए। केरल में नन के रेप मामले में पुलिस कि निष्क्रियता को लेकर विभिन्न कैथोलिक सुधार संगठनों के सदस्यों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में कोट्टयम की पांच ननों ने भी हिस्सा लिया।
पीड़ित नन भी कोट्टयम की ही रहने वाली है। इन ननों का आरोप है कि चर्च ने पीड़ित के न्याय देने से इनकार कर दिया है। वहीं पुलिस और सरकार ने आरोपी जालंधर के बिशप फ्रांको मुलक्कल के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है। प्रदर्शनकारी एक नन ने कहा, ‘हम अपनी बहनों के लिए लड़ रही हैं। उसे चर्च, सरकार और पुलिस की तरफ से न्याय नहीं मिला है। हम अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।’
वहीं राज्य के विधायक पी एस जॉर्ज ने नन को वेश्या कह दिया। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि नन वेश्या है। 12 बार मजे लिए और 13वीं बार बलात्कार हो गया। पहली बार में शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई। विधायक के इस बयान का विरोध हो रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रेखा शर्मा ने कहा कि शर्म आती है ऐसे लोगों पर, जो महिलाओं की मदद करने की बजाय बेतुके बकवास बयान दे रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है और हम डीजीपी को पत्र लिखकर कड़े एक्शन की मांग करने वाले हैं।
ये है मामला
कैथोलिक बिशप
जुलाई 2018 में केरल में एक नन ने कैथोलिक चर्च के बिशप के खिलाफ दुराचार का केस दर्ज करवाया। नन का आरोप है कि बिशप ने 13 बार उसका यौन शोषण किया। आरोपी बिशन जालंधर स्थित डायोसीस कैथोलिक चर्च में कार्यरत है।
कोट्टायम जिला पुलिस प्रमुख को दी गई अपनी शिकायत में नन ने आरोप लगाया कि रोमन कैथलिक चर्च के जालंधर धर्मप्रदेश के बिशप ने चार साल पहले पास के एक कस्बे में कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। बिशप फ्रैंको मुक्कल शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप के काफी निकट माने जाते हैं।
44 वर्षीय नन का आरोप है कि साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की गई तो चर्च ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसे पुलिस की मदद लेनी पड़ी। नन ने कहा है कि 2014 में जिले के कुरावलंगड़ क्षेत्र में एक अनाथालय के नजदीक एक गेस्ट हाउस में पहली बार उसका यौन शोषण किया गया।
पीड़ित नन पंजाब में डायोसीस कैथोलिक चर्च के तहत चलने वाले एक संस्थान में काम करती थी। इस संस्थान के मुखिया बिशप फ्रैंको मुलक्कल (54) ही हैं। नन से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक, उसने केरल के तत्कालीन चर्च प्रमुख कार्डिनल मार जॉर्ज अलेनचेरी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन चर्च की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए जाने पर उसे पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
वहीं, बिशप मुलक्कल ने भी कोट्टयम पुलिस में नन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि वह नन का तबादला दूसरे संस्थान में कर रहे थे, लेकिन उसने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की, तो नन बदला लेने के मकसद से उन्हें झूठे आरोपों में फंसा रही है।
बिशप मुलक्कल का यह भी आरोप है कि तबादले का आदेश वापस नहीं लेने पर नन के परिवार वालों ने भी उन्हें रेप के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच डीसीपी रैंक के एक अधिकारी कर रहे हैं।