धर्मनगरी के सिविल अस्पताल में सीसीटीवी लगाने का प्रोजेक्ट पिछले एक साल से अधर में है। लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में क्लोज सर्किट टेलीविजन लगाने की डिमांड तो स्वास्थ्य अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को भेज दी।
लेकिन एक साल से इससे संबंधित फाइल हेड ऑफिस में पड़ी है। किसी भी स्वास्थ्य अधिकारी ने इस पर दोबारा ध्यान देने की जहमत नहीं उठाई।
पानीपत सिविल अस्पताल में बुधवार को नवजात चोरी होने की घटना का पता लगने पर एलएनजेपी कुरुक्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे का मुद्दा फिर से जोर रहा है।
प्रसूति विभाग में दाखिल कुछ मरीजों के साथ आए परिजन इस विषय पर चर्चा करते दिखाई दिए। सरकारी अस्पताल में बढ़ रही चोरी की घटनाओं के कारण भी यहां सीसीटीवी कैमरे की डिमांड उठने लगी है।
हालांकि विभाग द्वारा एक एजेंसी के माध्यम से सिक्योरिटी गार्ड जरूर लगाए हैं। बावजूद इसके भीड़ का फायदा चोरों को मिल रहा है।
प्रसूति विभाग में जरूरी है कैमरे
वैसे तो लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं है। प्रसूति विभाग में भी इनकी कोई व्यवस्था सिविल अस्पताल में नहीं हैं, जबकि यहां सीसीटीवी कैमरे होने की जरूरत सबसे अधिक है। ताकि बच्चा उठाने या फिर बदलने जैसी घटना होने पर इसकी रिकार्डिंग हो सकें।
सिक्योरिटी है ध्यान रखने के लिए
एमएस डॉ. मुकेश ने कहा कि ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग द्वारा सिक्योरिटी का प्रबंध किया है। सुरक्षाकर्मियों की जिम्मेदारी अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना ही है।
एक साल पहले भेजी गई थी डिमांड : एमएस
मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मुकेश का कहना है कि एक साल पहले उन्होंने स्वयं फाईल बनाकर डिमांड उच्च अधिकारियों को भेजी थी। लेकिन अभी यह मामला अधर में ही है। जब उनसे एक वर्ष तक डिमांड पूरी न होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अभी वे पंचकूला मीटिंग हैं।