बहुचर्चित कठुआ हत्या और दुराचार मामले में वीरवार को पहले गवाह ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए। इस दौरान उसने कई खुलासे किए। बचाव पक्ष के वकील असीम साहनी तथा अन्य ने बताया कि सुनवाई के दौरान एसएसपी क्राइम ब्रांच ने पहले गवाह की तरफ से कोर्ट में एक दस्तावेज देकर कहा कि उसको धमकी भरे फोन आ रहे हैं।
इसके अलावा पुलिस द्वारा दस्तावेज के ट्रांसलेशन पर आपत्ति जताते हुए पांचवीं बार उसका अनुवाद करवाने का आदेश दिया है। वीरवार को बचाव पक्ष के वकील एके साहनी, असीम साहनी, एनी, मास्टर मोहन लाल आदि ने पत्रकारों को बताया कि वीरवार को पहले गवाह की गवाही पूरी हो गई। दूसरे गवाह की पेशी शुक्रवार से होगी।
वकीलों ने बताया कि सुनवाई के दौरान एसएसपी क्राइम ब्रांच रमेश कुमार झल्ला ने पहले गवाह की तरफ से एक दस्तावेज पेश कर कहा कि उसको सुरक्षा मुहैया कराई जाए। गवाह का कहना है कि उसे धमकी भरे फोन आ रहे हैं। बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि झल्ला ने कोर्ट को गुमराह करने के लिए आवेदन किया है कि प्रथम गवाह ने उनको पत्र लिखा है कि उसे धमकी भरे फोन आए है।
वकीलों ने एतराज उठाया कि आरोपी जेल में है और इतनी कड़ी सुरक्षा में जेल से कोर्ट में लाया गया। मोबाइल फोन उसके पास है नहीं। फिर उसके पास धमकी भरे फोन कहां से आए। उन्होंने कहा कि चार दिन से एक गवाह कोर्ट के अंदर है तब वह जज साहब को इस बारे में क्यों नहीं बताता। वह अपने वकील को नहीं बताता, पब्लिक प्रोसीक्यूटर को नही बताता। वह झाला को बताता है कि आप आवेदन दे दो। वकीलों ने कहा कि एसएसपी संसेशन क्रिएट करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।