चंडीगढ़। सेक्टर-43 में स्वतंत्रता सेनानी और महात्मा गांधी की धर्मपत्नी कस्तूरबा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर खादी सेवा संघ ने याद किया। संघ के अध्यक्ष केके शारदा ने कस्तूरबा गांधी को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन तप और साधना का प्रतीक था। वरिष्ठ साहित्यकार प्रेम विज ने काव्यमय ढंग से कहा कि कस्तूरबा गांधी का मौन भी क्रांति की भाषा बोलता था। चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. अनीश गर्ग ने कहा की सेवा, साहस और समर्पण कस्तूरबा गांधी की पहचान रही है। इनके अतिरिक्त संघ के सचिव गुरपाल सिंह, सह सचिव ओंकार चंद व सदस्य डॉ. वीना, पल्लवी रामपाल, पूजा, डॉ. संगीता शर्मा कुंद्रा, अमनदीप सिंह सैनी, रमन गुप्ता, रमन शर्मा, तेजेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने विचार रखें।