केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप पुरी करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए पाकिस्तान पहुंचे और वहां उनके और पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मौजूदगी में पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने कॉरिडोर का शिलान्यास किया। हरसिमरत कौर अपनी यात्रा से पहले अटारी-वाघा सीमा पर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि, सरहद के पार, जहां उन्हें कोई नहीं जानता है, वहां शीश नवाने व अरदास करने के लिए बाबा नानक ने उन्हें बुलाया है। गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लिए रुमाला साहिब को हाथों में लेकर हरसिमरत ने कहा करतारपुर साहिब जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
देश विभाजन के बाद दोनों देशों में कड़वाहट भरी थी। करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण नई उम्मीदें पैदा करेगा। अटारी सड़क सीमा पर मीडिया से बातचीत में हरसिमरत ने नम आंखों से कहा कि उनके लिए यह क्षण भावुकता से भरा है। वह अपने साथ श्री हरिमंदिर साहिब के सरोवर का पवित्र जल भी साथ ले कर जा रही हैं। हरसिमरत ने कहा कि करतारपुर साहिब-कॉरिडोर के निर्माण का फैसला दोनों सरकारों का ऐतिहासिक कदम है। बाबा नानक ने मानवता का संदेश पूरी दुनिया को दिया। करतारपुर का कॉरिडोर दोनों देशों के बीच की कड़वाहट दूर करेगा
वाजपेयी ने भी की थी करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण की बात : हरदीप
केंद्रीय राज्य मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि करतापुर कॉरिडोर के निर्माण के लिए 1994-1995 में दोनों देशों के बीच एक बैठक हुई थी। 1999 में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पाकिस्तान गए थे तब भी करतारपुर कॉरिडोर के मुद्दे पर नवाज शरीफ के साथ बातचीत हुई थी। भारत सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण की तैयारी का फैसला करने के लिए कई बार विचार किया।
22 नवंबर की कैबिनेट की बैठक में इसका फैसला लिया गया। हरदीप पुरी ने चेताया कि अब इस फैसले पर अमल भी होना चाहिए। दोनों देशों की सरकारों ने अपने अपने इलाके में कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है। वह भाग्यशाली हैं कि उन्हें करतारपुर साहिब के दर्शन करने का मौका मिला। वह एक श्रद्धालु बनकर पाकिस्तान जा रहे हैं। दोनों सरकारों ने सिखों की मांग स्वीकार की है।