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जानिए कौन है गोपाल सिंह चावला, जिसके साथ फोटो खिंचवाने पर हो रही नवजोत सिद्धू की किरकिरी

Fri, 30 Nov 2018 01:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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नवजोत सिंह सिद्धू के साथ गोपाल सिंह चावला - फोटो : अमर उजाला
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जानिए आखिर कौन है गोपाल सिंह चावला, जिसके साथ पाकिस्तान में फोटो खिंचवाने को लेकर भारत में मंत्री नवजोत सिद्धू की किरकिरी हो रही है।
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यह है गोपाल सिंह...
गोपाल सिंह चावला पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का महासचिव है। उसे 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी माना जाता है। 21 और 22 नवंबर को भारतीय उच्चायोग के राजनयिक अधिकारियों के साथ गुरुद्वारा ननकाना साहब और गुरुद्वारा सच्चा सौदा में हुई बदसलूकी में भी चावला का नाम सामने आया था। जांच एजेंसियों की एक बैठक में पाकिस्तान में मौजूद खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल सिंह चावला को लेकर कई सूचनाएं साझा की गई थीं। इसमें कहा गया कि चावला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद के साथ मिलकर पंजाब में आतंक फैलाने की साजिश रच रहा है।

कुछ महीनों पहले पाकिस्तान में हाफिज सईद से चावला की मुलाकात की फोटो भी जांच एजेंसियों के हाथ लगी थी। इससे खालिस्तान समर्थकों के पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से रिश्ते होने की आशंका पुष्ट मानी जा रही है। यह भी सामने आया कि तीन माह पहले खालिस्तानी समर्थकों और आईएसआई के बीच एक मीटिंग भी हुई थी। इसमें चावला भी मौजूद था। रेफरेंडम 2020 के बहाने यह पंजाब के युवाओं को बहका रहा है। राजासांसी में निरंकारी समागम के दौरान हुए आतंकी हमले के तार भी गोपाल चावला से जोड़कर देखे जा रहे हैं। अभी इस मामले में जांच चल रही है।
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एसजीपीसी प्रधान के साथ फेसबुक पर की फोटो अपलोड

श्रीगुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के साथ खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला - फोटो : Amar Ujala
खालिस्तान समर्थक और हाफिज सईद के करीबी पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव गोपाल सिंह चावला ने अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर दो फोटो शेयर कर भारत में सियासत को गर्मा दिया। सुबह करीब सात बजे गोपाल चावला ने अपने फेसबुक पेज पर पंजाब के स्थानीय निकायमंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के साथ फोटो अपलोड की और कमेंट किया कि विद सिद्धू पाजी... इसके बाद 9 बजे एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल के साथ फोटो अपलोड की और कमेंट लिखा कि विद प्रधान एसजीपीसी। दोनों फोटो तेजी से वायरल हुए और राजनीति गर्मा गई।

करतारपुर कॉरिडोर निर्माण के नींव पत्थर के दौरान पाकिस्तान में 28 नवंबर को गोपाल सिंह चावला पाक सेना प्रमुख बाजवा के साथ दिखाई दिया था। चावला की 26/11 मुंबई हमलों के साजिशकर्ता हाफिज सईद के साथ की एक तस्वीर पहले ही वायरल हो चुकी है। शिलान्यास समारोह में चावला ने पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से हाथ भी मिलाया था। चावला की तस्वीर पाक पीएम इमरान खान के साथ ग्रुप में भी वायरल हुई। इसी ग्रुप में पाक आर्मी चीफ, भारतीय केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, हरसिमरत कौर बादल और नवजोत सिंह सिद्धू भी हैं।

लौंगोवाल का फोटो सामने आने पर अकाली दल चुप हो गया

पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान के अपने दूसरे दौरे के दौरान नेताओं से गले मिलने से तो बचते रहे, बावजूद इसके एक नई मुसीबत उनके गले पड़ ही गई। आतंकी हाफिज सईद के करीबी और खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल सिंह चावला के साथ सिद्धू की फोटो वायरल होते ही अकाली दल और भाजपा को हमला करने मौका मिल गया।

हरसिमरत कौर सहित कुछ अकाली नेताओं के तुरंत ही बयान आ गए लेकिन यह सिलसिला बहुत आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि सिद्धू का फोटो वायरल होने के कुछ देर बाद ही एसजीपीसी के प्रधान गोविंद सिंह लौंगोवाल का भी एक फोटो वायरल हुआ, जिसमें वे गोपाल चावला के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। तब अकाली दल ने चुप्पी साध ली और सिद्धू पर हमले की कमान भाजपा ने संभाल ली। इसी साल पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने गए नवजोत सिद्धू जब पाक सेना प्रमुख बाजवा से गले मिले तो देश की सियासत में बवाल मच गया।

भाजपा ने सिद्धू को देशद्रोही तक कह डाला। तब सिद्धू ने सफाई देते हुए कहा था कि पाक सेना प्रमुख ने जब उन्हें बताया कि पाक सरकार करतारपुर कोरिडोर खोलने पर विचार कर रही है तो वे यह सुनकर खुशी से बाजवा के गले मिले थे। सिद्धू का यह बयान अब उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ जब भारत सरकार के साथ ही पाकिस्तान में भी कोरिडोर का नींव पत्थर रखा गया। सिद्धू सिख समुदाय के तो हीरो बन ही गए, विपक्षी दलों ने भी उनके खिलाफ बयानबाजी से परहेज रखा।
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अकाली दल ने मांगा नवजोत सिद्धू का इस्तीफा

सिद्धू का चावला के साथ फोटो वायरल होते ही अकाली दल ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लेते हुए सिद्धू के इस्तीफे की मांग कर दी। लेकिन इसके बाद गोविंद सिंह लौंगोवाल का चावला के साथ फोटो देखकर अकाली दल ने खामोशी साध ली। हालांकि प्रदेश भाजपा की ओर से सिद्धू को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। इधर, सिद्धू की फोटो से जुड़े घटनाक्त्रस्म में पंजाब कांग्रेस ने नपातुला रुख अपनाया है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से अस्वस्थ होने के कारण उनकी तरफ से तो कोई बयान नहीं आया लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस पूरे घटनाक्त्रस्म को अनावश्यक मुद्दा बताते हुए कहा कि कोरिडोर ?के शिलान्यास में अकालियों के हाथ कुछ नहीं आया तो वे इस तरह की घटिया राजनीति पर उतर आए हैं। जाखड़ ने सिद्धू का बचाव करते हुए कहा कि इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि पंजाबवासियों के लिए आज बरसों से लंबित बहुत बड़ा खुशी का मौका आया है। प्रदेश में त्योहार जैसा माहौल है और अकाली ओछी राजनीति में लगे हैं।

यही कारण है कि कौम से गद्दारी के लिए ?पंजाब के लोगों ने अकालियों को हाशिये पर धकेल दिया है। जाखड़ ने कहा कि अकाली सिद्धू का इस्तीफा मांग रहे हैं लेकिन क्या लौंगोवाल का भी इस्तीफा मांगेंगे। क्या कांग्रेस लौंगोवाल से इस्तीफा मांगेगी, इस सवाल पर जाखड़ ने कहा कि इस सवाल का आज कोई मतलब नहीं है। दोनों देशों के बीच गुरु घर तक रास्ता खुलने की उम्मीदों की नींव पड़ी है और खुशी का माहौल है। इधर-उधर की बातें करके ऐसे खुशी को माहौल को अकाली न बिगाड़ें तो अच्छा है।
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