फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुष्कर्म की शिकायतकर्ता और ब्लैकमेलिंग की आरोपी महिला आई सामने, कहा- मैं अडिग हूं, मुझे न्याय चाहिए

Fri, 04 Sep 2020 04:34 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
विज्ञापन

हाईप्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में अब जमानत पर जेल से बाहर आई महिला मीडिया के सामने आकर कुछ खुलासे किए हैं। महिला ने फिर से दोहराया उसके साथ अजय भाटिया और तहसीलदार राजबख्श ने दुष्कर्म किया है। इस केस को खत्म कराने के लिए ट्रैप करके फंसाया गया है। वकील की गाड़ी में बैठाया गया और पुलिस ने उसको काबू कर लिया। 

विज्ञापन


यह सब नीलोखेड़ी के विधायक के बेटे ईटीओ शिव गोंदर ने मुझे भाई बनकर फंसाया है। एक आडियो रिकार्डिंग भी महिला ने जारी की है, जिसमें शिव गोंदर और महिला दोनों बात कर रहे हैं। महिला ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण उससे जबरदस्ती शपथ पत्र लिए गए और उन पर हस्ताक्षर कराए गए। 

महिला का दावा है कि उन्होंने किसी ने न तो पैसे की डिमांड की है और न ही किसी से पैसे लिए। पहले भी न्याय के लिए आगे आई थी और अब वह इसके लिए अडिग है। महिला ने शहर के लोगों से भी अपील की कि वे इस मामले में उसका साथ दें, ताकि आरोपी सलाखों के पीछे जा सकें। सेक्टर-13 स्थित सीनियर एडवोकेट भूपेंद्र सिंह राठौड़ के कार्यालय में मीडिया से बातचीत में महिला ने आरोप लगाया कि वह केस दर्ज कराने के बाद  किसी भी प्रकार का समझौता और पैसे नहीं चाहती थी। 

विज्ञापन

वह पहले भी न्याय के लिए  ही आगे आई थी और आगे भी न्याय के लिए लड़ेंगी। महिला ने आरोप लगाया कि विधायक का बेटा शिव गोंदर उनके घर आया और उसने कहा कि वह आपका मामला निपटा देंगे। हम शिव गोंदर के घर नहीं गए और न ही उन्हें बुलाया गया था। महिला का आरोप है कि उन्होंने बहन कह के विश्वास जताया और आखिरकार हमें फंसा दिया।

रोते हुए महिला ने ये भी आरोप लगाया कि समझौते के लिए हमारे ऊपर पूरा राजनीतिक दबाव था, इसी के चलते उनसे जबरदस्ती समझौता कराया गया और जबरदस्ती ही केस रद्द कराने का शपथ पत्र लिया गया। एक सवाल के जवाब में महिला ने बताया कि एडवोकेट संजीव मंगलौरा से उनका कोई वास्ता नहीं था, उससे मुलाकात शिव गोंदर ने कराई थी। 

शिव गोंदर के साथ संजीव मंगलौरा को लेकर घर आये थे। जिस दिन वह गिरफ्तार किये गए, उस दिन उसके पास शिव मंगलौरा का फोन आया था और कहा कि आप दो मिनट आ जाओ, बस बात करनी है। इसलिए वह अपने पति और बेटे के साथ यहां आई थी। जैसे ही हम संजीव मंगलौरा की गाड़ी में बैठे तो अचानक से पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में उसके साथ मारपीट की गई और उसे प्रताड़ित किया गया। बकायदा इसका मेडिकल है, जिसमें गंभीर चोटें दिखाई गई हैं। महिला का ये भी आरोप है कि मार पिटाई करके पुलिस ने जबरदस्ती उनसे  कोरे कागजों पर साइन कराए।

भाटिया ने तहसीलदार से मिलवाया
एक अन्य सवाल के जबाव में महिला ने आरोप लगाया कि अजय भाटिया ने एक दिन उसे कोठी पर बुलाया और बताया कि ये तहसीलदार करनाल है। आरोप है कि भाटिया ने उसको मजबूर किया कि तहसीलदार के साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का यह भी कहना है कि तहसीलदार ने उसको कई बार फोन भी किये और होटल ज्वैलस में बुलाने के लिए दबाव बनाया।
 
इन सवालों का नहीं दिया जवाब
हालांकि, महिला कुछ सवालों का जबाव देने से बचती रही। सिविल लाइन थाना में पहले सामान्य शिकायत की गई और बाद में दुष्कर्म की शिकायत दी गई, ऐसा क्यों? इस सवाल पर महिला ने कहा कि सारी बातें एडवोकेट राठौड़ को बता दी हैं, वे ही सारी बातें बताएंगे। दो साल पहले जब दुष्कर्म हुआ था, उस समय शिकायत क्यों नहीं दी? केस दर्ज कराने के बाद एक बार भी महिला आयोग के सामने पेश क्यों नहीं हुई? अगर न्याय चाहिए था तो फिर पंचायत और शपथ पत्र क्यों दिये? रिकार्डिंग में पैसे की डिमांड क्यों की गई? 

पिता बोले, हम नहीं गए, शिव खुद हमारे पास आया था
इस मामले में एक और दिलचस्प बात सामने आई है कि पहले जहां विधायक के बेटे शिव ने दावा किया था कि वह इस मामले में खुद नहीं आया बल्कि महिला के पिता उसके पास आये थे। लेकिन अब महिला के पिता ने कहा कि वह पहले उनको नहीं जानते थे, बल्कि वह खुद हमारे पास आए और इस केस को निपटाने के लिए दबाव बनाया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें