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फिल्मों ने बिगाड़ा समाज का माहौल: कमला भसीन

Wed, 30 Oct 2013 09:53 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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यह कहने में जरा भी संकोच नहीं होता कि समाज में आज नैटेटिविटी और अपराधों को बढ़ाने में सबसे अधिक योगदान बॉलीवुड फिल्मों का है।
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मोटा मुनाफा कमाने के लिए फिल्मों में अश्लीलता दिखाई जा रही है। ऐसे में बेहतर समाज की कैसे कल्पना की जा सकती है।

यह विचार जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता कमला भसीन ने रखे। भसीन मंगलवार को सेक्टर-42 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कालेज फॉर गर्ल्स में आयोजित एक सेमिनार में हिस्सा लेने पहुंचीं थीं।

30 से अधिक किताबें लिखने के अलावा उन्होंने दुनिया भर के देशों में सामाजिक भेदभाव को लेकर वर्कशॉप आयोजित की है।

‘अमर उजाला’ से बातचीत में भसीन ने कहा कि देश की 40 फीसदी से अधिक महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं। भसीन ने कहा कि यह सुनकर दुख होता है कि सबसे अधिक शिक्षित (पंजाब, हरियाणा) जैसे राज्यों में ही सबसे अधिक भ्रूण हत्या के मामले सामने आ रहे हैं।
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वह कहती हैं कि आज देश की बेटियां पुलिस, आर्मी, इंजीनियरिंग से लेकर चांद तक पहुंच चुकी हैं। फिर भी उनके साथ हिसंक व्यवहार होता है।

आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया हर 22 मिनट में एक बलात्कार का मामला सामने आ रहा है। ऐसे में हम कैसे अच्छे समाज की कल्पना कर सकते हैं।

भसीन का मानना है कि दिल्ली बलात्कार कांड के बाद जिस तरह से एक मुहिम चली उससे लोगों में काफी जागरूकता आई है। उन्होंने कहा कि फिल्मों का युवाओं पर काफी असर पड़ता है। इस लिए स्वच्छ फिल्में ही बननी चाहिए।
 
लड़कियों ने पूछे भसीन से सवाल
जीसीजी-42 में आयोजित सेमिनार में पहुंची कमला भसीन को सुनने के लिए छात्राओं में जबर्दस्त क्रेज था। 400 के करीब छात्राओं ने सेमिनार में हिस्सा लिया।

छात्राओं ने भसीन से घरेलू और आम दिनों में लड़कियों के साथ होने वाली हिंसक घटनाओं को लेकर काफी सवाल पूछे।

कई छात्राओं ने बिना संकोच किए पारिवारिक सवाल भी उठाए। कार्यक्रम में प्रिंसिपल मनी बेदी भी मौजूद थी। सेमिनार का संयोजन डॉ. ज्योति ने किया।
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