हरियाणा सरकार के बाद अब ज्योति के पिता बूटी राम की ओर से पंचकूला अदालत के फैसले के खिलाफ अपील पर हिमाचल के दून हलके से कांग्रेस विधायक राम कुमार चौधरी व अन्य को नोटिस जारी हुआ है। हरियाणा सरकार और बूटी राम की अपील पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट एक साथ सुनवाई करेगी।
जस्टिस हेमंत गुप्ता एवं जस्टिस लिजा गिल की डिवीजन बेंच ने रामकुमार चौधरी व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और पक्ष रखने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 14 मई को होगी। बूटी राम की अपील में भी लगभग हरियाणा सरकार की ओर से बनाए गए आधार ही हैं।
हरियाणा सरकार की ओर से दाखिल अपील में पंचकूला अदालत के फैसले को रद्द करने और चौधरी को दोषी करार देने की मांग की गई थी। हरियाणा सरकार के बाद ज्योति के पिता बूटी राम ने भी अपील दाखिल की थी। बूटी राम की अपील सुनवाई के लिए वीरवार को डिवीजन बेंच के समक्ष आई।
दोनों ने अपील में कहा है कि निचली अदालत ने कई तथ्यों पर गौर नहीं किया। उल्लेखनीय है कि पुलिस की कमजोर पैरवी के कारण पंचकू ला अदालत ने तथ्यों के अभाव में राम कुमार चौधरी व अन्य को बरी करार दिया था। जिला अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा था कि पुलिस अपनी ही कहानी को साबित करने में नाकाम रही है। पुलिस की इस नाकामी को मीडिया ने जोर शोर से उठाया था।
पुलिस पर आरोप लगने पर पुलिस प्रमुख ने ज्योति हत्याकांड की जांच में शामिल पुलिस की भूमिका की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दो डीएसपी, एक इंस्पेक्टर व दो एएसआई ने जांच में कोताही बरती है।
एसआईटी ने सिफारिश की थी कि राम कुमार चौधरी को बरी करने के जिला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जानी चाहिए। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कानूनी राय के लिए कार्रवाई शुरू हुई थी।
यह सभी औपचारिकताएं मुकम्मल होने के बाद हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। होशियारपुर की रहने वाली 24 वर्षीय ज्योति का शव पंचकूला सेक्टर-21 में 22 नवंबर 2012 को मिला था।