चंडीगढ़। पीजीआई में आग लगने की घटनाओं के बाद सभी भवनों से रद्दी नष्ट करने का निर्णय लिया गया है। इससे संस्थान के अलग-अलग भवनों में वर्षों से भरे रद्दी के हटने से हजारों स्क्वॉयर फीट जगह मिल सकेगी। फिलहाल, एडवांस आई सेंटर और एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर से रद्दी हटाकर लगभग 12 हजार स्क्वॉयर फीट जगह खाली कराई जा चुकी है।
पीजीआई प्रशासन ने इसके लिए सोलन की कंपनी से समझौता किया है। अलग-अलग विभागों से वहां रद्दी भेजने का काम शुरू भी कर दिया गया है। ऐसा करने से परिसर के भवनों में जगह की कमी की समस्या कुछ हद तक दूर होगी। जानकारी के अनुसार पीजीआई प्रशासन खाली जगह का उपयोग मरीजों के हित के लिए करेगा। जिसका निर्णय खाली जगह के क्षेत्र के अनुसार लिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर इस बात की भी चर्चा की जा रही है कि अगर रद्दी के नाम पर मरीजों के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड नष्ट करा दिए गए तो शोध कार्य प्रभावित होगा।