फरीदाबाद के गांव खंदावली निवासी जलाउद्दीन की उस याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें उसने अपने बेटे जुनैद की हत्या के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। याचिका पर जस्टिस राजन गुप्ता ने लगातार दो घंटे चली बहस के दौरान मामले से जुड़े सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
जुनैद के पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस हत्याकांड में पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि, पुलिस इस मामले में आरोपियों का बचाव कर रही है। ऐसे में इस मामले की सीबीआई से जांच करवाई जाए। दूसरी ओर, सीबीआई ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दायर कर कहा था कि इस मामले में पुलिस जांच कर रही है और चार्जशीट भी दायर की जा चुकी है। इस स्तर पर जांच का काम सीबीआई को सौंपना सही नहीं होगा। इसके साथ ही सीबीआई ने यह भी कहा कि अगर हाईकोर्ट आदेश करे तो सीबीआई इस मामले की जांच करने को तैयार है।
पुलिस ने जुनैद के पिता पर उठाए थे सवाल
उधर, राज्य पुलिस ने मृतक जुनैद की पिता पर ही सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट को बताया था कि ट्रायल कोर्ट ने जुनैद के पिता को दो बार समन किया लेकिन उन्होंने दोनों बार समन लेने से इंकार कर दिया। पुलिस ने जुनैद के पिता पर यह आरोप भी लगाया कि वे आरोपियों से इस मामले में समझौता करना चाहते हैं, जिसके तहत उन्होंने 2 करोड़ रुपये और 3 एकड़ जमीन दिए जाने की मांग की है। इसके जवाब में जुनैद के पिता ने हाईकोर्ट से कहा था कि पुलिस इस मामले में उन पर समझौते का निराधार आरोप लगा रही है। हाईकोर्ट ने शक्रवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।