भारतीय सेना में अफसर बनना चाहते हैं, तो इन दो संस्थानों को ज्वॉइन करके सफलता हासिल कर सकते हैं। यहां परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। पंजाब के जो युवा (लड़के और लड़कियां दोनों) आगे चलकर सेना में अफसर बनना चाहते हैं, उनके लिए पंजाब सरकार द्वारा मोहाली में दो संस्थान चलाए जा रहे हैं।
इन संस्थानों में एनडीए व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है। वहीं, नामी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई के लिए भी तैयारी करवाई जाती है। इनमें दाखिले के लिए सेलेक्शन मेरिट के आधार पर होता है। वहीं, इन संस्थानों की कामयाबी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उक्त संस्थानों की तर्ज पर कई राज्यों की सरकारों ने अपने यहां संस्थान स्थापित किए हैं।
महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्स की अपनी एक अलग पहचान
महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्स प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट एएफपीआई पंजाब सरकार द्वारा सेक्टर-77 में चलाया जाता है। संस्था की पहचान अब पूरी दुनिया में हो चुकी है। यह संस्थान लड़कों के लिए हैं। पांच साल में संस्थान के सौ से ज्यादा छात्र एनडीए में सेलेक्ट हो चुके हैं। संस्थान की खास बात यह है कि इसमें केवल पंजाब के युवाओं को दाखिला दिया जाता है। दाखिला एंट्रेंस व अन्य टेस्टों के माध्यम से होता है। संस्थान में दसवीं के बाद दाखिला लिया जा सकता है।
वहीं, चुने जाने वाले छात्रों को दो साल तक शहर के एक नामी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई करवाई जाती है। हर बुधवार संस्थान के छात्रों से मिलने प्रमुख हस्तियां पहुंचती हैं, जो अपने तुजुर्बे छात्रों से शेयर करती हैं। इन हस्तियों में मुख्यमंत्री, क्रिकेटर, सेना के अफसर आदि शामिल होते हैं। संस्थान की कमान रिटायर्ड मेजर जनरल बीएस गरेवाल संभाल रहे हैं। वह संस्थान के डायरेक्टर हैं। इसके अलावा संस्थान के अन्य फैकल्टी मेंबर भी आर्मी से जुड़े हैं।
ऐसे होता है दाखिला
नवंबर माह में दाखिले की घोषणा होती है। विभिन्न अखबारों में विज्ञापन दिए जाते हैं। जनवरी के पहले हफ्ते तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया होती है। इसके बाद जनवरी में ही एंट्रेंस टेस्ट होता है। इसी टेस्ट के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। जो मेरिट में आते हैं, फरवरी व मार्च में उनके इंटरव्यू होते हैं। इसके बाद जो छात्र चुने जाते हैं, उन्हें कॉल लेटर भेजे जाते हैं। अप्रैल से सेशन यहां शुरू हो जाता है। संस्थान में दाखिले के लिए कुछ पैरामीटर भी तय किए गए हैं। जैसे छात्र पंजाब का मूल निवासी होना चाहिए। उसकी उम्र 17 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। एनडीए के पैरामीटर के हिसाब से वह मेडिकली फिट चाहिए। दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा हो।
माई भागो संस्थान से निकली हैं सेना की महिला अफसर
पंजाब की लड़कियों के लिए डिफेंस सर्विस में बेहतर करिअर बनाने के लिए सरकार ने अपनी तरह का एक संस्थान सेक्टर-66 में बनाया है। इसे माई भागो आर्म्ड फोर्सेस प्रिपेटरी इंस्टीट्यूट नाम दिया गया है। संस्थान में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली ही लड़कियां ही एंट्रेंस में अपीयर हो सकती हैं। एंट्रेंस में मेरिट आने व अन्य मानकों को पूरा करने के बाद ही दाखिला मिलता है। संस्थान में ही लड़कियों के रहने की सुविधा है। यहां उन्हें मल्टी जिम, स्वीमिंग पूल, शूटिंग क्षेत्र समेत कई सुविधाएं दी जाती हैं।
संस्थान में चुनी जाने वाली छात्राओं को एमसीएम डीएवी कॉलेज सेक्टर-36 में तीन साल तक पढ़ाया जाता है। इसके अलावा उन्हें खेल, फिजिकल फिटनेस, पर्सनेलिटी डेवलपमेंट, एक्टिविटी, एनसीसी, प्रोफेशनल ट्रेनिंग व एसएसबी के इंटरव्यू की तैयारी तक करवाई जाती है। तीन साल की पढ़ाई के बाद कैडेट डिफेंस सर्विसेज के लिए ली जाने वाली परीक्षाओं में अपीयर होती है। संस्थान में डायरेक्टर के पद पर मेजर जनरल आईपी सिंह अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ऐसे चलती है एडमिशन प्रक्रिया
एडमिशन संबंधी जानकारी 15 फरवरी से पंद्रह मार्च तक अखबारों में विज्ञापन के माध्यम से दी जाती है। पंद्रह अप्रैल तक ऑनलाइन दाखिला होता है। दस मई को लिखित एग्जाम होता है। बीस मई तक मेरिट लिस्ट जारी होती है। इसके बाद इंटरव्यू का शेडयूल होता है। पंद्रह जून तक मेरिट लिस्ट फाइनल हो जाती है। जुलाई के पहले हफ्ते में चुने गई छात्राओं को अपनी हाजिरी देनी होती है।