गुहला-चीका। एचएसजीएमसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने सिख संगत से 25 अगस्त तक शांत रहने का आह्वान किया है। सुप्रीम कोर्ट ने 25 तक गुरुद्वारों में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सर्वोच्च अदालत का जो भी फैसला आएगा, संगत को कबूल होगा। उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। झींडा शनिवार को यहां गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी व नौवीं चीका में एचएजीएमसी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कानूनी विशेषज्ञों से सलाह करेंगे
इससे पहले हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की मुख्य कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक में 41 में से 39 सदस्यों ने भाग लिया। इसमें हुए फैसलों की जानकारी देते हुए झींडा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी कानूनी विशेषज्ञों से सलाह मशविरा करके सुप्रीम कोर्ट जाएगी। झींडा ने समस्त कार्यकारिणी ने छह अगस्त को कुरुक्षेत्र में घायल हुए सिखों के प्रति संवेदना का इजहार किया। झींडा ने कहा कि सात मेंबरी कमेटी का गठन किया गया है, जो कि सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भेंट करके सिखों के नुकसान की भरपाई की मांग करेगी। यह कमेटी कुरुक्षेत्र के एसपी व डीसी से मिलकर उनके सामने सारे तथ्य रखेगी, ताकि निर्दोष सिखों के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे खारिज करवाए जा सकें।
झींडा ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने हरियाणा के गुरुद्वारों में हथियारबंद शरारती तत्वों की घुसपैठ करवा रखी है। कमेटी सीएम से मांग करेगी कि बादल-मक्कड़ द्वारा भेजे गए लोगों को तुरंत गुरुद्वारों से बाहर किया जाए।
कुरुक्षेत्र के दो गुरुद्वारों पर ठोका दावा
झींडा ने कहा कि कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा बणी बद्रपुर, सलेमपुर, गुढ़ी साहिब की लोकल कमेटियों के प्रस्ताव पर उक्त गुरुद्वारों का प्रबंध हरियाणा कमेटी के अंतर्गत आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इन गुरुद्वारों को सुरक्षा मुहैया करवाए, क्योंकि बादल दल के लोग यहां कभी भी कोई गड़बड़ कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कमेटी
सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए बनाई गई कमेटी में जगदीश सिंह झिंडा, दीदार सिंह नलवी, जोगा सिंह यमुनानगर, संत बलजीत सिंह दादूवाल, हरपाल सिंह पाली अंबाला शामिल हैं। उधर, कुरुक्षेत्र में सिखों पर दर्ज मामलों की पैरवी के लिए कमेटी में अवतार सिंह चक्कुलदाना, करनैल सिंह निमनाबाद, भूपेंद्र सिंह असंध, स्वर्ण सिंह रतिया, हरप्रीत सिंह जुंडला, निरवैल सिंह आंटा और अपार सिंह किशन गढ़ को शामिल किया गया है।