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झंगोरे की खीर, नींबू सनी का लोगों ने उठाया लुत्फ, हरीश रावत ने खुद परोसा

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सेक्टर-29 के गढ़वाल भवन में उत्तराखंडी दावत परोसते पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत। - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। सेक्टर- 29 स्थित गढ़वाल भवन शनिवार को उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन झंगोरे की खीर, नींबू सनी, मंडुवे की रोटी का लोगों ने लुत्फ उठाया। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पंजाब और चंडीगढ़ के कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने इन व्यंजनों को खुद परोसा। इस कार्यक्रम का आयोजना गढ़वाल सभा, कुमाऊं सभा एवं उत्तराखंड की कई सामाजिक संस्थाओं ने किया था।
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इस अवसर पर हरीश रावत ने कहा कि जिस तरह पंजाब ने सरसों के साग और मक्की की रोटी ने पूरे विश्व में अलग पहचान बनाई है, उसी प्रकार हमें भी उत्तराखंडी व्यंजनों को एक पहचान देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नींबू संस्कृति का प्रतीक है जिससे उत्तराखंड के घरों में सामूहिकता विकसित होती है। नींबू अकेला ऐसा फल है जिसे कोई भी जानवर नुकसान नहीं पहुंचाता। पहले झंगोरा गरीबों का भोजन माना जाता था, आज यही 120 रुपए के हिसाब से मिलता है। उत्तराखंड जैविक भोजन का भंडार है जो छह महीने में तैयार हो जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केे सभी जैविक उत्पादों में पोषण भरपूर मात्रा में पाया जाता हैै। उन्होंने उत्तराखंडियों से अपने व्यंजनों को चर्चित करने की अपील की। उन्होंने मंडुवे की रोटी, भट के डुबुके, भांग की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजनों केे फायदे भी बताए। इस मौकेेे पर मुंबई सेेेे पहुंचे गायक बीके सामंत ने पहाड़ी गाना भी गाया। इस मौके पर पार्षद गुरबख्श रावत, गढ़वाल सभा और कुमाऊं सभा के प्रधान भी मौजूद रहे।
बेटियों के कपड़ों पर टिप्पणी कर मुख्यमंत्री ने गिराई पद की गरिमा : हरीश रावत
इस मौके पर हरीश रावत ने कहा कि बहन-बेटियों के कपड़ों पर टिप्पणी कर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने पद की गरिमा को गिरा दिया है। महिलाओं के कपड़ों पर इस तरह की टिप्पणी करना निंदनीय है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने फटी जींस पर एक टिप्पणी की थी। इसके बाद उनके बयान की काफी आलोचना हो रही है।
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