जीव ने कहा कि उन्हें जिंदगी भर पिता की कमी खलेगी क्योंकि वह मेरे सबसे अच्छे दोस्त, गाइड और मेंटर (परामर्शदाता) थे। उनकी कमी से निपटने के लिए उन्हें जीवन भर के जज्बे की जरूरत होगी। मैंने जो खोया है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। दोस्त के नाते मैं हमेशा ही अपने दिल की बातें उनसे साझा करता था। वह भी मुझसे अपनी कोई बात नहीं छिपाते थे। उन्होंने जिंदगी में हमेशा मुझे बेहतर राह दिखाई। गुरु की तरह उन्होंने मुझे ऐसी शिक्षा दी, जिसकी बदौलत आज मैं अपने पैरों पर खुद खड़ा हुआ हूं। आगे की जिंदगी में पिता की ओर से दी गई शिक्षा मेरे काम आने वाली है और मुझे जीवन भर इसकी आवश्यकता रहेगी।
शुक्रवार को दुनिया छोड़ गए थे मिल्खा सिंह
महान धावक मिल्खा सिंह का निधन शुक्रवार को पीजीआई में रात 11.30 बजे हुआ था। शनिवार को सेक्टर-25 में उनका राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। रविवार को ही बेटे जीव ने अपने परिजनों के साथ उनकी अस्थियां कीरतपुर साहिब के पातालपुरी साहिब में विसर्जित की थीं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल व अन्य कांग्रेसी नेता सोमवार को सेक्टर-8 स्थित मिल्खा सिंह के आवास पर पहुंचे और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का पत्र उनके पुत्र जीव मिल्खा सिंह को सौंपा। साथ ही बंसल ने मिल्खा सिंह और उनकी दिवंगत पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सोनिया गांधी ने अपने शोक संदेश में मिल्खा सिंह और निर्मल मिल्खा सिंह के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है और उनकी उपलब्धियों को याद किया है। पत्र में लिखा है कि मिल्खा सिंह के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। राष्ट्र उनकी उपलब्धियों के लिए हमेशा ऋणी रहेगा।
बंसल के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला, मुख्य प्रवक्ता एचएस लक्की, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र सिंह बबला भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे प्रशासन से सेक्टर-7 के एथलेटिक क्लब का नाम स्वर्गीय मिल्खा सिंह के नाम पर रखने की मांग करेंगे।