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जेईई एडवांस रिजल्टः जयेश और श्रेय सिंगला ने ऑल इंडिया में मारी बाजी, सफलता का बताया ये मंत्र

Sat, 15 Jun 2019 01:26 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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जयेश और श्रेय सिंगला - फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी रुड़की ने शुक्रवार को जेईई एडवांस का रिजल्ट जारी कर दिया। चंडीगढ़ सेक्टर-46 निवासी यतिन जिंदल ऑल इंडिया 94वीं रैंक के साथ ट्राइसिटी के टॉपर रहे हैं। वहीं चंडीगढ़ के ही अदित खोखर 102वीं रैंक हासिल कर दूसरे स्थान पर जबकि पंचकूला सेक्टर-16 निवासी शिवेश गुप्ता 108वीं रैंक हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे हैं। तीनों ही स्टूडेंट्स ने अलग-अलग कोचिंग सेंटरों में पढ़ाई की है। तीनों की सफलता का एक ही मंत्र रहा है कि उन्होंने रेगुलर पढ़ाई की।

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जेईई एडवांस की परीक्षा 27 मई को देशभर के 155 शहरों में आयोजित की गई थी। चंडीगढ़ को भी सेंटर बनाया गया था। लगभग चार हजार छात्रों ने यहां परीक्षा दी थी। इस एग्जाम में अच्छी रैंक पाने वाले 11279 स्टूडेंट्स के एडमिशन देश के 23 आईआईटी में होंगे। कोचिंग सेंटरों के मुताबिक, इस बार नॉर्थ जोन का परिणाम पिछले साल से अच्छा रहा है लेकिन ट्राइसिटी के परिणाम में कुछ गिरावट आई है। 

पटियाला के जयेश ने मारी बाजी
पटियाला के जयेश सिंगला ने ऑल इंडिया 17वीं रैंक हासिल कर पटियाला के साथ चंडीगढ़ का भी नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने चंडीगढ़ में रहकर पढ़ाई की है। जयेश की आईआईटी बांबे में एडमिशन लेकर बीटेक करने की इच्छा है। युवाओं को संदेश दिया कि इस फील्ड में जाना है तो कक्षा 11 से ही इसकी तैयारी शुरू कर दें।
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जयेश के पिता डॉ. अजय कुमार सिंगला कहते हैं कि बेटे से जो उम्मीद थी, वह उस पर खरा उतरा। पढ़ाई में जुटा रहा और मंजिल मिल गई। जेईई मेन्स में जयेश की चौथी रैंक थी। जयेश कहते हैं कि दो साल तक उन्होंने रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई की। रेगुलर पढ़ाई के अलावा कोचिंग का सहारा लिया। 

पेपर थोड़ा कठिन हुआ था लेकिन अच्छे अंक मिले हैं। कहते हैं कि उनके रोल मॉडल मामा संदीप हैं, जो पेशे से इंजीनियर हैं। उन्होंने भी एग्जाम की तैयारी में काफी मदद की। जयेश कहते हैं कि पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूर रहे। इससे पहले कभी-कभी 24 घंटे में 15 से 30 मिनट ही मोबाइल चलाते थे। मां मोनिका बेटे की सफलता से काफी खुश हैं।

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लुधियाना के श्रेय सिंगला ने पाई 36वीं रैंक

लुधियाना के श्रेय सिंगला ने जेईई एडवांस में ऑल इंडिया 36वीं रैंक हासिल की है। वह आईआईटी बांबे में दाखिला चाहते हैं और बीटेक कर इंजीनियर बनने का सपना है। जेईई मेन्स में भी 49वीं रैंक हासिल की थी। डॉ. रवि सिंगला के बेटे श्रेय सिंगला कहते हैं कि उन्होंने रेगुलर छह से सात घंटे की पढ़ाई की। कक्षा 11 के बाद से उन्होंने जेईई की तैयारी शुरू कर दी थी। 

कोचिंग का सहारा लिया और नतीजा सबके सामने है। फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ की तैयारी अच्छी थी, अभ्यास बार-बार किया था। अन्य विद्यार्थी भी मन लगाकर तैयारी करें तो सफलता जरूर मिलेगी। ध्यान रखें कि नोट्स का अभ्यास बार-बार करें। श्रेय कहते हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया से हमेशा दूरी बनाए रखी। 

चूंकि चंडीगढ़ में रहकर पढ़ाई की तो बेसिक फोन रखते थे, जिससे घर व दोस्तों से बात करते थे। श्रेय कहते हैं कि यह मायने नहीं रखता कि आप कितने घंटे पढ़ते हैं लेकिन मायने यह रखता है कि आप कितनी देर मन लगाकर पढ़ते हैं। सफलता की एक ही कुंजी है, सच्ची लगन और कड़ी मेहनत। 
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