लुधियाना के श्रेय सिंगला ने जेईई एडवांस में ऑल इंडिया 36वीं रैंक हासिल की है। वह आईआईटी बांबे में दाखिला चाहते हैं और बीटेक कर इंजीनियर बनने का सपना है। जेईई मेन्स में भी 49वीं रैंक हासिल की थी। डॉ. रवि सिंगला के बेटे श्रेय सिंगला कहते हैं कि उन्होंने रेगुलर छह से सात घंटे की पढ़ाई की। कक्षा 11 के बाद से उन्होंने जेईई की तैयारी शुरू कर दी थी।
कोचिंग का सहारा लिया और नतीजा सबके सामने है। फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ की तैयारी अच्छी थी, अभ्यास बार-बार किया था। अन्य विद्यार्थी भी मन लगाकर तैयारी करें तो सफलता जरूर मिलेगी। ध्यान रखें कि नोट्स का अभ्यास बार-बार करें। श्रेय कहते हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया से हमेशा दूरी बनाए रखी।
चूंकि चंडीगढ़ में रहकर पढ़ाई की तो बेसिक फोन रखते थे, जिससे घर व दोस्तों से बात करते थे। श्रेय कहते हैं कि यह मायने नहीं रखता कि आप कितने घंटे पढ़ते हैं लेकिन मायने यह रखता है कि आप कितनी देर मन लगाकर पढ़ते हैं। सफलता की एक ही कुंजी है, सच्ची लगन और कड़ी मेहनत।