चंडीगढ़। चार साल पुराने सड़क हादसे के मामले में जिला अदालत ने इलेक्ट्रिकल विभाग में कार्यरत जूनियर इंजीनियर गुरविंदर सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। पुलिस अदालत में हादसे में गुरविंदर की लापरवाही या गलती साबित नहीं कर सकी। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि दुर्घटना शिकायतकर्ता की गलती से हुई, जिसने नो पार्किंग जोन में अचानक ब्रेक लगाई और फोन पर बात कर रहा था। मामला 19 जुलाई 2021 का है, जब सेक्टर-27/30 की सड़क पर पीछे से कार टकराने का आरोप लगा था। पुलिस ने करनाल निवासी शिव कुमार की शिकायत पर आईपीसी की धारा 279 व 337 में केस दर्ज किया था, लेकिन आरोप सिद्ध नहीं हो सके।