हरियाणा में करीब 10 हजार जेबीटी शिक्षकों की भर्ती मामले में अब नई मुसीबत आ गई है। लंबे समय बाद नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगी रोक हटने के बाद अब एक नई याचिका दाखिल कर नियुक्ति पत्र जारी करने को चुनौती दी गई है। इस याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि चयनित जेबीटी टीचर को जो नियुक्ति पत्र और स्टेशन अलाट किए जा रहे हैं वह इस याचिका पर आने वाले अंतिम फैसले पर निर्भर होंगे।
इस मामले में याचिका दाखिल करते हुए नवीन कुमार व अन्य के वकील सुनील कुमार नेहरा ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच हरियाणा में टीचरों की नियुक्ति के बारे में स्पष्ट आदेश दे चुकी है कि जब तक सभी टीचरों की तकनीकी व अन्य तरह की जांच पूर्ण नहीं होती नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाए, लेकिन सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को अनदेखा कर नियुक्ति पत्र जारी करना शुरू कर दिया है।
इतना ही नहीं, सरकार ने पहले एक मेरिट लिस्ट बनाई और उसके बाद दूसरी बना डाली, लेकिन नियुक्ति केवल पहली मेरिट लिस्ट वालों को दी जा रही है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार से जवाब तलब किया तो सरकारी वकील ने इस जवाब देने के लिए समय देने की मांग की। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 10 मई तक स्थगित करते हुए जारी नियुक्ति पत्रों पर हाईकोर्ट के इस याचिका के फैसले पर निर्भर की सूचना देने का आदेश दिया।