जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से प्रदेश के 19 जिलों में दिए जा रहे धरनास्थलों पर दूसरे दिन सोमवार को शांति रही। धरनास्थलों पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की पुख्ता तैनाती के बीच शाम तक लोगों की आवाजाही बनी रही। जाट नेताओं ने मांगे पूरी होने तक धरनों पर डटे रहने का एलान किया है।
सोनीपत और कैथल में प्रशासन की तरफ से धरनास्थल के आसपास के पांच किलोमीटर के दायरे में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। कैथल में बिना अनुमति के धरना जारी रहा, वहीं पानीपत में प्रशासन ने समिति को उग्राखेड़ी में धरने की अनुमति नहीं दी और न ही माइक व बैनर लगाने दिया।
आंदोलन का केंद्र रोहतक के जसिया में अन्य धरनास्थलों की अपेक्षा भीड़ ज्यादा थी। धरनार्थियों में बुजुर्गों के अलावा महिला और बच्चे भी शामिल रहे।