जाट आरक्षण के नाम पर उपद्रवियों ने 26 पेट्रोल पंपों को नुकसान पहुंचाया, जिससे पंप मालिकों को काफी नुकसान हुआ। हरियाणा में बाधित एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु करने में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमें जुटी हुई हैं। इस बीच सूबे के पेट्रोल पंपों से ईंधन की आपूर्ति भी बाधित है।
आंदोलन के कारण-अलग अलग जिलों के 331 पेट्रोल पंपों सहित एलपीजी की 185 एजेंसियों में सिलेंडरों का स्टॉक खत्म हो गया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को कहना है कि उनकी प्राथमिकता के आधार पर यही कोशिश है कि बुधवार सुबह तक दोनों सेवाएं सुचारु रूप से बहाल कर दी जाएं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मुताबिक प्रदेश में कुल 2498 पेट्रोल पंप हैं, लेकिन हिंसक घटनाओं और आगजनी के कारण वाहनों की आवाजाही भी रुकी हुई थी। इस बीच 331 पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है। रोहतक के 10 और झज्जर के छह पंप, जबकि भिवानी में पांच पंपों के अलावा अन्य जिलों में भी पेट्रोल पंपों को नुकसान पहुंचाया गया है।
आकलन के मुताबिक पंपों को नुकसान पहुंचाए जाने की वजह से करीब 2.5 करोड़ का नुकसान हुआ। उधर, एलपीजी की करीब 400 एजेंसियों में से 185 में सिलेंडरों का स्टॉक खत्म हो जाने के कारण उपद्रव से प्रभावित जिलों में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस प्रसाद के मुताबिक विभाग की कोशिश है कि जल्द सभी जिलों में एलपीजी सिलेंडरों की खेप पहुंचाई जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।