हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन को भड़काने की साजिश रची जा रही है। 19 जिलों में बीते आठ दिन से शांतिपूर्ण तरीके से जारी आंदोलन असामाजिक तत्वों को रास नहीं आ रहा है।
शांति भंग के प्रयास में सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश डालने का क्रम शुरू हो गया है। हरियाणा के कर्मचारियों से जुड़े एक व्हाट्स एप ग्रुप में रविवार सुबह आठ बजकर 41 मिनट पर एक भड़काऊ संदेश पोस्ट किया गया है।
इसमें तल्ख भाषा का प्रयोग कर जनभावनाएं भड़काने की कोशिश की कई है। उधर, हरियाणा सरकार जाट आंदोलनकारियों के साथ ही ऐसे असामाजिक तत्वों पर भी नजर रख रही है, जो इसकी आड़ में शांति भंग कर सकते हैं। सरकार ने सभी जिलों के उच्चाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
व्हाट्स एप ग्रुप पर इस संदेश के पोस्ट होने के बाद खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। पुलिस मुख्यालय में स्थापित सोशल मीडिया लैब में भड़काऊ संदेश को रिकार्ड में ले लिया गया है।
उच्च पुलिस अधिकारी संदेश की सत्यता जानने के बाद इसे पोस्ट करने वाले पर कार्रवाई का निर्णय लेंगे। जन सरोकार नाम के व्हाट्स एप ग्रुप में डाले गए संदेश में लिखा गया है कि ऑल हरियाणा जाट महापंचायत में 14 फरवरी को सभी जिलों डीसी को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया है।
जाट आंदोलन पर मान की चौटाला को सलाह
- फोटो : अमर उजाला
ज्ञापन में डीसी को मांगें पूरी करने के लिए 72 घंटे का समय दिया जाएगा। इसके बाद मांगें न मानने पर 18 फरवरी को पूरा हरियाणा बंद कर देंगे। संदेश में लिखा है कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जाट दिल्ली की तरफ कूच करेंगे और हरियाणा के रोहतक, सोनीपत व दिल्ली से लगते अन्य जिलों के जाट आंदोलनकारियों से मिलकर दिल्ली को भी जाम कर देंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। संदेश में और भी बातें शामिल हैं, जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
जाट आंदोलन पर मान की चौटाला को सलाह
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रण सिंह मान ने जाट आंदोलन को लेकर नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला को आगाह किया है। मान ने प्रेस बयान में कहा है कि जाट समुदाय के शांतिपूर्वक आंदोलन में फूट डालने वाली भाषा न बोलें और संयम से काम लें।
इस बार जाट समुदाय के साथ अन्य बिरादरी भी साथ खड़ी हैं। सबकी कोशिश होनी चाहिए कि आंदोलन हर हालत में शांतिपूर्ण चलना चाहिए, चूंकि सरकार की मंशा ठीक नहीं लग रही है।
कांग्रेस सदैव आरक्षण की पक्षधर रही है। हुड्डा सरकार में जहां जाट समुदाय समेत पांच बिरादरियों को आरक्षण दिया गया, वहीं अन्य वर्गों के बच्चों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की गई थी।
मान ने कहा कि चौटाला इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला से पूछें कि वे क्यों जातिगत आधार पर आरक्षण देने की बजाए आर्थिक आधार पर आरक्षण की बात कर रहे हैं। मान ने भाजपा सरकार को चेताया कि वह जाटों के साथ हुए समझौते पर अमल करे, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।