हरियाणा सरकार बीते साल जाट आंदोलन केदौरान हिंसा में मारे गए निर्दोष लोगों के आश्रितों को एक महीने में पक्की नौकरी दे देगी। सरकार के पास 31 मृतकों के आश्रितों में से तीस ने नौकरी के लिए आवेदन किया है। इन्हें सरकारी नौकरी देने के लिए सरकार ने वीरवार को तीस मई तक की डेडलाइन तय कर दी।
इससे पहले सभी को घर के पास पसंद के स्टेशन पर ज्वाइन करा दिया जाएगा। अभी तक सरकार दो आश्रितों को नौकरी दे चुकी है। इनमें से एक को मुरथल यूनिवर्सिटी और दूसरे को फतेहाबाद नगर पालिका में ज्वाइन कराया गया है। फतेहाबाद में मृतक की आश्रित पत्नी को नौकरी दी गई है। उसने बच्चे छोटे होने के कारण सरकार से मायके के पास नौकरी देने का आग्रह किया था, जिसे मानते हुए सरकार ने बीते सप्ताह नियुक्ति दे दी है।
वीरवार को यहां हरियाणा निवास में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण बेदी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति की बैठक हुई। इसमें अभी तक आश्रितों को नौकरी देने और घायलों को मुआवजा प्रदान करने की समीक्षा की गई। बैठक में बेदी के साथ जाट समुदाय के प्रतिनिधि एडवोकेट एसएस खरब, सरकार की ओर से आईजी नवदीप सिंह विर्क और एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हुए।