पंजाब विधानसभा चुनाव पर सविता भट्टी ने पेश किया नाटक
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जाने माने हास्य कलाकार स्वर्गीय जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी बता रही हैं कि चुनाव के दौरान नेताओें को कैसे नारे लगाने चाहिएं? चुनावों के दौरान मंत्रियों को रैलियों में नशे, किसानों द्वारा आत्म हत्या करने, घोटाले, धर्म, पंजाब और पंजाबियत को बचाने से जुड़े हुए नारों की बजाए मेरा रंग दे किसी भी रंग चोला, बस भरना चाहिए मेरा चोला जैसे नारे लगाने चाहिए। यह सीख सेक्टर 8 में स्टूडेंट्स को कोचिंग सेंटर में दी गई।
दरअसल मंगलवार को जसपाल भट्टी नॉनसेंस क्लब द्वारा स्पेशल कोचिंग क्लासेज फॉर पंजाब इलेक्शन विषय पर व्यंग्यात्मक एक्ट पेश किया गया था, जिसमें कलाकार स्टूडेंट्स को चुनावों की कोचिंग देते नजर आए। जिसमें आज के नेताओं के दलबदलू होने और उनकी करनी और कत्थनी में अंतर होने के विषयों को उठाया गया।
नाटक की शुरुआत करते हुए क्लब की चेयरपर्सन सविता भट्टी कहती है कि समाज में लोगों को सबसे बड़ी मुश्किल यह आ रही है कि उन्हें यह ही नहीं पता चलता कि वे किसे वोट डालें और किसे नहीं। क्योंकि जब एक पार्टी के नेता को किसी दूसरी पार्टी की ओर से टिकट ऑफर की जाती है तो वो टिकट के चक्कर में अपनी पार्टी छोड़ विपक्षी पार्टी से जुड़ जाता है।
कभी उसी विपक्षी पार्टी की बुराई करने वाला वही नेता टिकट मिलने पर उस पार्टी का गुणगान करने लग जाता है। ऐसे में लोग यही सोचते रहते है कि आखिर वोट दे तो किसे दे? वह आगे बताती हैं कि किसी समय सरदार भगत सिंह ने देश के लिए मेरा रंग दे बसंती चोला गीत गाकर देश प्रेम की भावना को उपर उठाया था, वहीं आज के समय में नेता उसी सुर में बैंकों में पैसा जमा करते नजर आते हैं। जसपाल भट्टी नॉनसेंस क्लब पिछले 30 सालों से लोगों में जागरूकता लाने के लिए ऐसे नाटकों का आयोजन करता आ रहा है।